कैदियों के बेहतर इलाज के लिए जेल में बहाल होंगे 74 डाक्टर ,मंगलवार को वाक-इन-इन्टरव्यू

>> विशेषज्ञ डाक्टर को मिलेगा 48000 रूपये एवं सामान्य डाक्टर को 40000 रूपये मानदेय

>> अधिकतम उम्र 65 वर्ष निर्धारित ,महिला चिकित्सक को निर्धारित आरक्षण का मिलेगा लाभ

>> संविदा पर बहाल डाक्टर को आवश्यकता अनुसार जेल में किया जाएगा पदस्थापन- आईजी 

पटना ( अ सं ) । जेल में बंद कैदियों के बेहतर इलाज को लेकर सरकार गंभीर हैं । कारा एवं सुधार सेवाएं ,बिहार ने 74 डाक्टर को संविदा के आधार पर बहाल करने का निर्णय लिया हैं ।मंगलवार को जेल आईजी के अध्यक्षता में इच्छुक डाक्टर का वाक-इन-इन्टरव्यू लिया जाएगा ।
  मानवाधिकार के श्रेणी में शामिल होने के बाद जेल यातना गृह नहीं बल्कि सुधार गृह हो गया हैं । बंदी को जेल में संसिमित रखने के दौरान उसके स्वस्थ जीवन का मौलिक आधार हैं । बिहार सरकार ने कारा विभाग के साथ सुधार सेवाएं को जोड़कर ,कारा एवं सुधार सेवाएं ,बिहार कर दिया हैं । सरकार जेल में बंद कैदियों को तकनीकी ज्ञान से लेकर उच्चतम पढ़ाई की व्यवस्था पूर्व से लागू कर रखा हैं । कैदियों को गुणवत्तायुक्त भोजन दिया जा रहा हैं । कैदी स्वास्थ्य ,सुविधाओं को और बेहतर करने की मांग करते आ रहें थे।
बिहार सरकार ने संविदा के आधार पर 76 डाक्टर बहाल करने का निर्णय लिया हैं । इसमें 28 डाक्टर ,विशेषज्ञ होंगे वही 46 डाक्टर सामान्य । विशेषज्ञ चिकित्सक को 48 हजार रूपये का मानदेय दिया जाएगा जबकि सामान्य चिकित्सक को 40 हजार रूपये का मानदेय मिलेगा । इच्छुक डाक्टरों का निर्धारित उम्र सीमा 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए । इच्छुक महिला चिकित्सकों को  सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण का लाभ मिलेगा ।  कल, यानी मंगलवार को आईजी कार्यक्रम में बहाल होने वाले डाक्टरों का वाक-इन-इन्टरव्यू लिया जाएगा ।
     जेल आईजी मिथलेश मिश्रा ने बताया की संविदा पर बहाल होने वाले डाक्टरों को आवश्यकता अनुसार ,विभिन्न जेल में पदस्थापन किया जाएगा । कैदियों के स्वास्थ्य को लेकर हर तरह की प्राथमिक उपचार के बेहतर सुविधाओं का इंतजाम किया गया हैं । सूबे के जेलों को इलाज से संबंधित व्यापक संसाधन उपलब्ध कराया गया हैं ।  दवाओं की कोई किल्लत नहीं हैं ,गंभीर बीमारी होने पर बेहतर इलाज के लिए रेफरल हॉस्पिटल ,जिले एवं सूबे के सरकारी ,बड़े हॉस्पिटल में कानूनी प्रक्रिया के तहत इलाज की समुचित व्यवस्था कराया जाता हैं । इलाज में किसी तरह की कोई कठिनाई नहीं होती हैं बल्कि बेहतर इलाज कराया जाता हैं ।
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