पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज हवा और बारिश से फसलें चौपट

सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों सहित सहारनपुर जिले में गुरुवार की सुबह हवा और गरज के साथ हुई बरसात ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। खेतों में तैयार खड़ी गन्ने और धान की फसले तहस-नहस हो चुकी है। किसानों का कहना है कि महंगा कर्ज उठाकर जिन फसलों को उन्होंने मेहनत से तैयार कराया गया था आज उनकी कटाई भी देने के लिए सोचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
बिहारीगढ़ क्षेत्र के गांव मनोहरपुर निवासी उगेश काम्बोज का कहना है कि 70 प्रतिशत से ज्यादा धान और गन्ने की फसल तबाह हो चुकी है। 30 प्रतिशत लागत भी वसूल नहीं हो पाएगी। ऐसे में मजदूरी देकर खेत में खड़ी फसल कटवाने के लिए भी उन्हें सोचने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति लगभग हर किसान की नजर आ रही है।
क्षेत्र के किसान राज कुमार ने बताया कि खेतों में खड़ा गन्ना जमीन पर लेट गया। इस गन्ने में आज से ही चूहों का प्रकोप बढ़ जाएगा। चूहे गन्ने को पूरी तरह नष्ट कर देंगे। लागत तो दूर आज के समय में किसानों को उसकी मेहनत की भरपाई भी नहीं हो पा रही, सरकार किसानों के बारे में नहीं सोच रही। फर्जी आंकड़े जुटाकर कृषि विभाग के अधिकारी सरकार को ही चपत लगा रहे हैं। किसानों को उसके नुकसान की भरपाई के लिए किसी भी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही।

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