योगी सरकार ने शिवपाल को किया मायावती वाला का बंगला आवंटित

लखनऊ। लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों के महा गठबंधन की आस को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने झटका दिया है। तीखा सियासी पैंतरा अपनाने हुए प्रदेश सरकार ने समाजवादी पार्टी से अलग होकर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन करने वाले सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव पर महरबानी की है। योगी सरकार ने सपा मुखिया अखिलेश यादव के चाचा शिवापाल यादव को 6, लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) मार्ग स्थित बंगला आवंटित किया है, जो कभी पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा मुखिया मायावती का दफ्तर था। जिसे बसपा मुखिया ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसे खाली कर दिया था। वहीं राज्य संपत्ति विभाग से बंगला आवंटित होने के बाद शुक्रवार को शिवपाल ने बंगले में जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने म्मीद जताई कि वह नवरात्री में ही इस टाइप 6 बंगले में प्रवेश करेंगे।
बता दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के रवैये से नाराज सपा संरक्षक मुलायम सिंह के छोर्ट भाई शिवपाल यादव ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन किया है। जिस वह इन दिनों विस्तार देने में लगे हैं। शुरूआत से ही भाजपा से दूरी और महा गठबंधन में शामिल होने के संकेत दे रहे शिवपाल यादव को भाजपा की योगी सरकार द्वारा बसपा मुखिया मायावती के कार्यालय वाला बंगला आंवटित कर जो दांव सरकार ने खेला है, उसे सियासी समीकरणों से अलग कर के नहीं देखा जा सकता। माना जा रहा है कि भाजपा का यह दांव शायद शिवपाल को महा गठबंधन से दूर और भाजपा के करीब कर देगा।
6, लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) मार्ग स्थित बंगला पहले पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के पास था। बंगले में 12 बेडरूम, 12 ड्रेसिंग रूम, दो बड़े हॉल, चार बड़े बरामदे, दो किचन और स्टाफ क्वर्टर हैं। बंगले में आठ एसी प्लांट और 500 किलोवॉट के साउंड प्रूफ जनरेटर लगे हैं। ऐसा बंगला तो योगी आदित्यनाथ सरकार के किसी भी मंत्री को भी नसीब नहीं हो सका। शुक्रवार को वह बंगला राज्य संपत्ति विभाग ने शिवपाल के नाम आवंटित कर दिया।
सहायक राज्य सम्पत्ति अधिकारी सुधीर कुमार रुंगटा ने बताया कि शिवपाल सिंह यादव को 6 एलबीएस (लाल बहादुर शास्त्री) बंगला आवंटित हुआ है। यह बंगला उन्हें बतौर विधायक दिया गया है। आवंटन होने के बाद शिवपाल तत्काल बंगले में गए और निरीक्षण कर पसंद कर लिया है।
उधर बंगले का निरीक्षण करने के बाद शिवपाल ने कहा कि वह बहुत सीनियर विधायक हैं, वह पांच बार का विधायक हैं। उन्हें एक बड़े बंगले की जरूरत थी। इसीलिए उन्हें टाइप 6 का बंगला मिला है। उन्होंने कहा कि वह नए बंगले में नवरात्र में ही प्रवेश करेंगे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वह हमेशा से भाजपा के खिलाफ रहे हैं और उनकी भाजपा के साथ किसी तरह की सांठगांठ नहीं है।

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