यूपी के लिए ओडीओपी कर सकती है ‘चेंज-एजेंट’ का काम : राष्ट्रपति

लखनऊ। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज यहां सूबे की राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ओडीओपी) समिट में कहा कि देश में एमएसएमई उद्यमों को अर्थ-व्यवस्था का मेरुदंड कहा जाता है। ये उद्यम समावेशी विकास के इंजन हैं। कृषि क्षेत्र के बाद सबसे अधिक लोग इन्ही उद्यमों में रोजगार पाते हैं। देश के सर्वाधिक एमएसएमई उद्यम उत्तर प्रदेश में हैं। उन्होंने कहा कि देश के कुल हस्त-शिल्प निर्यात में उत्तर प्रदेश का योगदान 44 प्रतिशत है और यूपी के विकास में एमएसएमई उद्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि ‘ओ.डी.ओ.पी.’ योजना छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक एमएसएमई उद्यमों के लिए सहायक परिस्थितियाँ उत्पन्न करेगी। उन्होंने कहा कि हमें कुछ विकसित देशों से यह सीखना है कि कैसे, हाथ से बनी हुई चीजों को, आधुनिक ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिये, विदेशी मुद्रा कमाने, रोजगार बढ़ाने और देश की छवि को निखारने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।
राष्ट्रपति कोविन्द ने कहा कि विकास और कल्याण के मानदंडों पर पीछे रह गए देश के 117 आकांक्षी जिलों में उत्तर प्रदेश के 8 जिले शामिल हैं। उन जिलों में ’एक जनपद एक उत्पाद’ योजना ‘चेंज-एजेंट’ का काम कर सकती है।
राष्ट्रपति कोविन्द ने कहा कि मुझे बताया गया है कि ’वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट’ योजना द्वारा पाँच वर्षों में 25,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के जरिए 25 लाख लोगों को रोजगार दिलाने का लक्ष्य है। मुझे आशा है कि इस योजना से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि ’ओ.डी.ओ.पी.’ योजना से स्थानीय कौशल और कलाओं का संवर्धन होगा, तथा उत्पादों की पहुँच बढ़ेगी। इससे यूपी के हर जनपद में शिल्पकारों की आर्थिक प्रगति होगी। मुझे आशा है कि इससे राज्य के समग्र और संतुलित विकास को बल मिलेगा।
इससे पहले इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित तीन दिनी जनपद-एक उत्पाद समिट का शुभारंभ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने किया। इस अवसर पर सीएम योगी ने राष्ट्रपति कोविंद को अंग वस्त्र व स्मृति चिह्न भेंट कर एक जनपद-एक उत्पाद समिट में स्वागत किया।
इस मौके पर राष्ट्रपति ने 4095 लाभार्थियों को लगभग 1006.94 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया।
कार्यक्रम में अमेज़न, क्यूसीएल, एनएसई, बीएसई, जीई हेल्थकेयर के साथ एमओयू भी हस्ताक्षरित किया गया। यही नहीं एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। साथ ही ओडीओपी कॉफी टेबल बुक का विमोचन करने के साथ-साथ, ओडीओपी वेबसाइट तथा टोल-फ्री हेल्पलाइन नम्बर का शुभारम्भ भी किया।

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