बकरी ईद पर थी बम विस्फोट की साजिश- विपक्ष

– राऊत के गिरफ्तारी के बाद गरमाई सियासत 
– सनातन और हिंदू जनजागृति पर पाबंदी लगाने की मांग 
 
 

मुंबई –   महाराष्ट्र एटीएस द्वारा नालसोपारा से वैभव राउत को विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किए जाने के बाद, राज्य की सियासत में उबाल आ गया है। हिंदू संगठन जहां राउत के बचाव में उतर आए हैं, तो विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कट्टरवादियों द्वारा बकरी ईद पर विस्फोट करने की साजिश रची जा रही थी। विधान सभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण पाटिल ने सनातन संस्था और हिंदू जनजागृति समिति पर पाबंदी लगाने की मांग की है। 
 
 
विखे पाटिल के मुताबिक आनेवाली बकरी ईद पर राज्य के धार्मिक स्थलों पर बम विस्फोट कराए जाने की साजिश रची जा रही थी। नालासोपारा में विस्फोटक मिलने से यह बात पूरी तरह से स्पष्ट हो गई है। सनातन और हिंदू जनजागृति समिति जैसी विघातक संगठनों पर पाबंदी लगाई जानी चाहिए। क्या  राज्य सरकार इसके लिए केंद्र से मांग करेगी। विखे पाटिल ने कहा कि राउत के सनातन और हिंदू जनजागृति समिति से संबंध रहे हैं। उस पर दंगे भड़काने के कई मामले दर्ज हैं।  राउत के घर से विस्फोट का भंडार मिलना और हिंदू जनजागृति समिति द्वारा उसका बचाव करना और  ‘मालेगांव पार्ट-2’ घोषित करने से संकेत मिल रहे हैं कि धार्मिक स्थलों पर विस्फोट करने की साजिश रची जा रही थी।  विखे पाटिल ने सवाल उठाया कि आखिर समिति ने  ‘मालेगांव पार्ट-2’ शब्द क्यों चुना। विखे पाटिल ने कहा कि डॉ. नरेंद्र दाभोलकर, कॉम्रेड गोविंदराव पानसरे, प्रोफेसर कलबुर्गी, पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या में सनातन और हिंदू जनजागृति समिति जैसे कट्टरवादी संगठनों का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है। चारों हत्या में उपयोग में लाई गई पिस्तौल एक जैसी थी। भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों इसलिए यैसे कट्टरवादी संगठनों पर पाबंदी लगाई जानी चाहिए।
 पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने हिंसक कार्यवाहियों में गुथे सनातन संस्था को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की है। एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल के मुताबिक यदि कोई अल्पसंख्यक बम के साथ पकड़ा जाता है, तो उसका संबंध पाकिस्तान अथवा एलटीटी से जोड़ा जाता है। सनातक संस्था के साधक को पकड़ा गया है। लिहाजा सरकार सघन जांच करे कि इस राऊत के पास से मिले विस्फोटक का उपयोग कहां किया जाना था। मालेगांव मामले का हवाला देते हुए पाटिल ने राज्य सरकार की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं।
इधर हिंदू जनजागृति समिति ने राउत की गिरफ्तारी को ‘मालेगांव पार्ट 2’  करार दिया है। समिति के राज्य संगठक सुनील घनवट के मुताबिक  राऊत एक साहसी गोरक्षक हैं और वे गोरक्षा करनेवाले संगठन हिन्दू गोवंश रक्षा समिति के माध्यम से सक्रिय थे । वे हिन्दू जनजागृति समिति के सर्व हिन्दू संगठनों द्वारा मिलकर किए जानेवाले हिन्दू संगठन के उपक्रमों और आंदोलनों में सहभागी होते थे। परंतु पिछले कुछ महीने से उनकी उपक्रम में सहभागिता नहीं थी। घनवट के अनुसार हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताआें को नाहक कष्ट देना, झूठे आरोपों में फंसाने की घटनाएं नई नहीं हैं । मालेगांव प्रकरण में  सनातन संस्था के अनेक निरपराध साधकों की गिरफ्तारी की गई थी।
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