फर्जी टिकट माफिया गिरोह का सरगना समेत 11 सदस्य गिरफ्तार

लखनऊ/अलीगढ़। आगरा से मथुरा व अलीगढ़ के बीच चलने वाली रोडवेज बसों का फर्जी टिकट से संचालन मामले में यूपी एसटीएफ की आगरा युनिट ने मंगलवार को मुठभेड़ के बाद फर्जी टिकट माफिया गिरोह के मास्टमाइंड समेत 11 को लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें रोड़वेज बस का चालक और परिचालक भी शामिल है। सभी के खिलाफ थाना इगलास पर कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
यूपी एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि पकड़े गए फर्जी टिकट माफिया गिरोह के सदस्यों में मास्टर माइंड देवेन्द्र सिंह निवासी मथुरा, मेघ निवासी हाथरस, ओमवीर, खेम सिंह, अरविन्द, कुशल पाल, ज्ञानेन्द्र सिंह निवासीगण अलीगढ, रविन्द्र सिंह, शिवराम, रवि तौमर और बाकें बिहारी निवासीगण मथुरा है। इन लोगो के पास से एक वैगनआर कार, दो रोडवेज की बसें, 02 ईटीएम मशीने, तमंचा, 09 मोबाइल फोन, 23,750 रुपए, घड़ी, सोने की अंगुठी, तीन आधार कार्ड, डीएल और एटीएम व पैनकार्ड बरामद हुआ है।
उन्होंने बताया कि उ0प्र0 परिवहन विभाग के प्रबन्ध निदेशक ने पुलिस महानिरीक्षक, एसटीएफ अमिताभ यश से रोडवेज बसों में फर्जी टिकट माफिया गिरोह के सक्रिय होने की सूचना देते हुए इसका खुलासा करने में सहायोग प्रदान किये जाने का अनुरोध किया था। जिसके बाद से एसटीएफ आगरा फील्ड इकाई पुलिस उपाधीक्षक श्याम कान्त के नेतृत्व पर गिरोह पर नजर बनाए हुई थी।
मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर गिरोह को पकड़ने के लिए एसटीएफ आगरा के कुछ जवान मथुरा रोडवेज बस में सवार हो गए। जबकि टीम अपनी गाड़ी से इगलास-राया रोड पर बस का पीछा करने लगी। गाड़ी को काफी दूर तक पीछा करते देख चालक परिचालक को बस में पुलिस वालों के होने का शक हो गया और उन लोगों ने एसटीएफ जवानों से उलझना शुरू कर दिया। फिर फोन कर अपने साथियों को थाना इगलास क्षेत्र अर्न्तगत ग्राम बैंसवा के निकट एकत्र कर लिया गया, जहां एसटीएफ और गिरोह के बाउंसरों व सदस्यों के बीच मुठभेड़ हुई और टीम ने गिरोह के 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी ने बताया कि फर्जी टिकट माफिया गिरोह का संचालन करीब 10 साल से किया जा रहा था। गिरोह का सरगना देवेन्द्र सिंह और उसका साथी मेघ सिंह हाथरस डिपो में लम्बे समय से कार्यरत् है। जिन्होंने अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, सादाबाद रूट पर चलने वाली लगभग 40-50 रोडवेज की बसों में फर्जी टिकटों पर और बिना टिकट यात्राओं का संचालन करते थे। यही नहीं राज्य परिवहन निगम की ईटीएम मषीनों में छेडछाड कर करोड़ो रूपये की राजस्व हानि पहुॅचा रहे थे।
पूछताछ पर देवेन्द्र सिंह तथा मेघ सिंह ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षो से अधिक समय से फर्जी टिकट माफिया गिरोह संगठित स्तर पर हाथरस, अलीगढ, मथुरा सादाबाद क्षेत्र में संचालित कर रहे है। उनके इस काम में अशोक तथा सोनू भी सहयोग करते है। इन फरार सदस्यों की एसटीएफ तलाश कर रही है।

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