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भारत के टॉप-10 अमीरों में शामिल , कभी पेड़ों के नीचे की पढ़ाई

भारत के टॉप-10 अमीरों में शामिल , कभी पेड़ों के नीचे की पढ़ाई

नई दिल्ली: हिमाचल के एक गांव में बिजली नहीं थी। बच्चे के अंदर पढ़ने की ललक थी। पेड़ों के नीचे पढ़ने वाले इस बालक ने आईआईटी बीएचयू से ग्रेजुएशन भी पूरी कर ली और एक दिन अमेरिका की नागरिकता भी हासिल कर ली। कहानी यह नहीं है, कहानी यह है कि जय चौधरी नामक इस शख्स ने दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट में शुमार हो गया। हम बात कर रहे हैं साइबरसिक्योरिटी फर्म ज़स्कलेर के मालिक जय चौधरी की। कोविड-19 महामारी से प्रभावित साल 2020 में भारतीय मूल के अमेरिकी जय चौधरी हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2021 के मुताबिक 577 स्थानों की छलांग के साथ टॉप- 10 सबसे अमीर भारतीयों की सूची में भी शामिल हो गए हैं। आज उनकी कुल संपत्ति 13 अरब डॉलर है।

साइबरसिक्योरिटी फर्म ज़स्कलेर के मालिक चौधरी की संपत्ति 271% बढ़कर 13 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। एक ओर जहां कोरोना वायरस महामारी ने अर्थव्यवस्थाओं को बर्बाद कर दिया, वहीं दूसरी ओर इन्होंने जैसी कंपनियों को भी नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है। महामारी के बीच डिजिटल प्रौद्योगिकियों के त्वरित परिवर्तन और तेजी से अपनाने ने चौधरी की कंपनी की मदद की। नैस्डैक में लिस्टेड कंपनी में चौधरी और उनके परिवार का 45 फीसद मालिकाना हक है, जिसका मूल्य 28 अरब डॉलर है। कंपनी के पास 5,000 से अधिक ग्राहक हैं- जिनमें फोर्ब्स ग्लोबल 2000 की 400 से अधिक कंपनियां शामिल हैं और 2,600 से अधिक कर्मचारी हैं।
चौधरी का जन्म हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के पनोह गांव में हुआ था, जहां बहते पानी तक पहुंचना एक चिंता का विषय था। चौधरी ने कहा था कि वह पेड़ों के नीचे पढ़ाई करते थे, क्योंकि तब उनके गांव में बिजली नहीं थी। चौधरी ने कहा, “मैं पड़ोस के गांव धुसरा में अपने हाई स्कूल में पहुंचने के लिए हर दिन लगभग 4 किमी पैदल जाता था।”
चौधरी ने कभी कहा था, “अब तक मेरी सफलता का राज मुख्य रूप से यह रही कि मुझे पैसे से बहुत कम लगाव है। मेरा जुनून वास्तव में यह सुनिश्चित करने के लिए है कि इंटरनेट और क्लाउड हर प्रकार के बिजनेस के लिए एक सुरक्षित स्थान हो।” जय आईआईटीएन के साथ सिनसिनाटी विश्वविद्यालय से एमबीए भी हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी 83 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ टॉप पर हैं।
अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी और परिवार 32 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर एचसीएल के शिव नाडर एंड फैमिली 27 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर हैंआर्सेलरमित्तल के लक्ष्मी एन मित्तल 19 अरब डॉलर के साथ चौथे पायदान पर हैं सीरम इंस्टिट्यूट के साइरस पूनावाला 18.5 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ पांचवें पायदान पर हैं
वैश्विक स्तर पर यदि बात की जाये तो टेस्ला के एलोन मुस्क 197 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ सबसे शीर्ष पर रहे हैं। इसके बाद अमेजन के जैफ बेजोस का स्थान रहा है। उनकी संपत्ति 189 अरब डॉलर रही है।

इस रिपोर्ट में 15 जनवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक व्यक्तिगत या फिर पारिवारिक संपत्ति के तौर पर आकलन किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में चालू वित्त वर्ष के दौरान सात प्रतिशत गिरावट आने का अनुमान व्यक्त किया गया है। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के प्रकोप से बचने के लिए सरकार को लॉकडाउन लगाना पड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक बायजू के रविन्द्रन और परिवार की संपत्ति 100 प्रतिशत बढ़कर 2.8 अरब डॉलर पर पहुंच गई।

विविध क्षेत्रों में कारोबार करने वाले महिन्द्रा समूह के प्रमुख आनंद महिन्द्रा और परिवार की संपत्ति भी इस दौरान दोगुनी होकर 2.4 अरब डॉलर हो गई। वहीं बायोकॉन की प्रमुख किरण मजूमदार शा की संपत्ति 41 प्रतिशत बढ़कर 4.8 अरब डॉलर, गोदरेज की स्मिता वी क्रिष्णा की संपत्ति 4.7 अरब डॉलर और ल्यूपिन की मंजू गुप्ता की संपत्ति 3.3 अरब डॉलर पर पहुंच गई।

 

 

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