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सरकार के 7 सालों में सरकार समर्थित किसी के खिलाफ रेड नहीं हुई, बोली एंकर

सरकार के 7 सालों में सरकार समर्थित किसी के खिलाफ रेड नहीं हुई, बोली एंकर

आज तक पर डिबेट के दौरान एंकर अंजना ओम कश्यप ने बीजेपी प्रवक्ता से पूछा, कोर्ट ने कुछ दिन पहले कहा था कि सरकार के खिलाफ बोलना राजद्रोह नहीं होता है। सरकार के समर्थकों पर एजेंसियां क्यों कार्रवाई नहीं करती। जिन लोगों ने विरोध किया उन पर कार्रवाई हुई इससे सरकार पर शक करना तो बनता है?

इसका जवाब देते हुए गौरव भाटिया ने कहा कि अगर बदले की कार्रवाई है तो अदालत उमर खालिद, शरजील इमाम, सुधा भारद्वाज और वरवर राव को जेल में क्यों रखे हुए है? इसके बाद बीजेपी प्रवक्ता ने मुकुल रॉय समेत बीजेपी नेताओं के नाम गिनाए जिन पर एजेंसियों ने कार्रवाई की। एंकर अंजना ओम कश्यप ने आज तक पर डिबेट के दौरान बीजेपी के गौरव भाटिया से पूछा कि राहुल गांधी ने मुहावरों के जरिए बीजेपी पर हमला बोला है।

बीजेपी तमाम एजेंसियों को विरोधियों की आवाज दबाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। इसका जवाब देते हुए गौरव भाटिया ने कहा कि मुहावरों से हमला किया है भ्रष्टाचारियों ने तो मुहावरे से उत्तर देना बनता है। सबसे पहले तो ये सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं। सोनिया गांधी भ्रष्टाचार के मामले में बेल पर बाहर हैं।

राहुल गांधी भी भ्रष्टाचार के मामले में बेल पर बाहर हैं। कांग्रेस ने सीबीई को पिंजरे का तोता बना दिया था। कोर्ट ने कहा था कि पिंजरे का तोता एक और उसके मास्टर अनेक। भाटिया ने कहा कि कोल गेट मामले में रिपोर्ट को पीएमओ ने बदलने का काम किया था कांग्रेस के समय में। कानून मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। इसलिए 100-100 चूहे खाकर बिल्ली चली हज को।

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि रीड की हड्डी की बात ऐसे केचुएं कर रहे हैं जिनकी न रीड की हड्डी है न पैर हैं। मोदी सरकार के समय में एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से काम कर रही हैं। एजेंसियों ने कार्रवाई की तो बदले की कार्रवाई बता दिया। कांग्रेस के जितने भी नेताओं पर कार्रवाई हुई किसी को भी कोर्ट ने गलत नहीं कहा। अगर कांग्रेस के पास है कोई सबूत है तो पेश करे। कुत्ते की दुम टेढ़ी रहेगी,उन्हें ये बात समझ आने वाली नहीं है।

बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, कुछ मुहावरे: उँगलियों पर नचाना- केंद्र सरकार IT Dept-ED-CBI के साथ ये करती है। भीगी बिल्ली बनना- केंद्र सरकार के सामने मित्र मीडिया। खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे- जैसे केंद्र सरकार किसान-समर्थकों पर रेड कराती है।

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