Main

Today's Paper

Today's Paper

इन तरीकों को अपनाकर बचा सकते हैं ई-मनी

भारत सरकार और रिजर्व बैंक अगले दो वर्षों के भीतर देश में ई-भुगतान (इलेक्ट्रॉ निक पेमेंट) प्रणाली को बढ़ाना चाहते हैं। ई-भुगतान यानी बिना नगदी के होने वाले लेनदेन। इन तरीकों में कार्ड, इंटरनेट अथवा मोबाइल से रकम का भुगतान किया जाता है। हालांकि इस तरीके में भी धोखाधड़ी तथा हैकिंग का खतरा बना रहता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे तरीकों को, जिनसे ई-ट्रांसेक्शरन के दौरान सुरक्षा बनी रहे।

 

सार्वजनिक कम्यूीान टर्स का इस्तेगमाल न करें

ऑनलाइन बैंकिंग लेनदेन के लिए सार्वजनिक कम्यूरटर्स का प्रयोग न करें। अगर ऐसा करना भी पड़े तो यथा संभव अपने कम्यूैंक टर पर पहुंचने के साथ ही पासवर्ड को बदल दें।

 

बैंकिंग जानकारी चाहने वाले ईमेल्सु से बचें

यदि आपके कोई ऐसा ईमेल्स। प्राप्त् हों, जिनमें आपके बैंक खाते से संबंधित जानकारी मांगी जाए, तो उन्हेंभ डिलीट कर दें या फिर नजरअंदाज करें। यह धोखाधड़ी के तरीकों में से एक है। इससे आपका कम्यूहता टर भी हैक हो सकता है।

 

ईमेल की लिंक्सय पर क्लिक करते समय रहें सावधान

अंजान अथवा संदेहास्पाद प्रकार के ईमेल्सक को खोलने से बचें। यदि खोलें भी तो, उसमें दिए गए किसी लिंक पर क्लिक न करें। यदि आपको किसी वेबसाइट पर जाना है तो मैनुअल तरीके से उसका एड्रेड टाइप करिए। कई बार धोखेबाज, नकली वेबसाइट बनाकर उसका लिंक भेज देते हैं।

 

कम्यूाजि टर का एंटी वायरस अपडेट रखें

अपने कम्यूानक टर के एंटी-वायरस को हमेशा अपडेट रखें। अच्छील कंपनी का एंटी वायरस इस्तेहमाल करें।

 

मजबूत पासवर्ड बनाएं

बैंक खातों के लिए पासवर्ड बनाते समय सतर्क रहें। पासवर्ड बनाते समय लोअर केस, अपर केस, अंकों तथा स्पे शल कैरेक्टिर्स का इस्तेपमाल करें। पासवर्ड के रूप में जन्मेतिथि, वर्षगांठ, परिजनो के नाम या ऐसा कुछ भी न बनाएं जिसके बारे में आसानी से पता लगाया जा सके।

 

हमेशा एचटीटीपीएस का ध्यासन रखें

यदि आप बैंकिंग अथवा भुगतान वेबसाइट्स का उपयोग करते हैं तो हमेशा ध्यागन रखें कि उसके एड्रेस के पहले एचटीटीपीएस जरूर लिखा हो। सामान्यी एचटीटीपी का अर्थ होता है कि यह वेबसाइट सुरक्षित नहीं है।

 

मोबाइल कनेक्शून को चेक करते रहें

इस बात का हमेशा ध्याचन रखें कि आपका मोबाइल फोन कनेक्शिन ज्या दा दिनों तक बंद न रहे। यदि आपका मोबाइल काम नहीं कर रहा है तो संभव है कि उसके सिम की क्लो निंग कर ली गई हो। या फिर किसी धोखेबाज ने आपके नाम से नई सिम जारी करवा ली हो।

Share this story