Thursday, September 23, 2021 at 5:32 AM

मऊ के सिलेन्डर हादसे में डीएम ने की मुआवजा देने की घोषणा

मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के मोहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के नगर पंचायत वलीदपुर में 14 अक्टूबर को गैस सिलेन्डर हादसे में 13 की मौत और 15 घायलो के मामले में जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता कर मुआवजे देने की घोषणा किया है। जिलाधिकारी की प्रेस वार्ता में एचपी गैस के एरिया सेल्स मैनेजर समीर इक्का ने गैस कम्पनी की तरफ से मृतक और घायलो के मुआवजा देने की घोषणा किया है।
जिलाधिकारी ने बताया यह हादसा दैविय हादसा है। इस दैविय हादसे में जो प्रशासन की तरफ से मृतकांे और घायलों की मदद की जाती है उसको देने का काम किया जा रहा है। इस दैविय हादसे में जिला प्रशासन की तरफ मृतकों को 4 लाख रुपये और 40 से 60 प्रतिशत घायलो को 59 हजार रुपये की आर्थिक मदद और 60 प्रतिशत से ऊपर के घायलों को दो लाख आर्थिक सहायता देने का काम किया जायेगा। साथ ही हादसे मे जो घर गिरे हुए है उनको 96 हजार रुपये देने का काम किया जायेगा।
जिला प्रशासन के साथ हिन्दूस्तान पेट्रोलियम के एरिया सेल्स मैनेजर समीर इक्का ने कहा कि कम्पनी की तरफ से भी मृतकों को 6 लाख रुपये और घायलो को दो लाख रुपये देने का काम किया जायेगा। हादसे में जो घर गिरे हुए है उनको दो लाख रुपये देने का काम किया है।
बता दें कि जिले के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के नगर पंचायत वलीदपुर मुहल्ले में हुए गैस सिलेन्डर हादसे में अब तक 13 लोगो की मौत हो चुकी है और 15 घायलो का इलाज अभी चल रहा है। इस पूरे हादसे में कुल 33 लोग घायल हुए थे। जिसमें 13 की मौत हुई है और 15 घायलो का इलाज चल रहा है। साथ ही इस पूरे हादसे में 5 लोगों का प्राथमिक उपचार के बाद उनको घर छोड दिया गया।
मुहल्ले के रहने वाले स्व0 छोटू विश्वकर्मा जिनके घर में सुबह 6.30 बजे उनकी पत्नी रीता अपने बच्चो को स्कूल भेजने के लिए घर में नास्ता बनाने के लिए किचन में पहूँची और गैस सिलेन्डर में रेगुलेटर लगाने के लिए गैस का नोजल जैसे ही खोलने का काम किया तो गैस सिलेन्डर लिक करने लगा। जिसके बाद रीता अपने बच्चो को लेकर घर बाहर निकल कर शोर मचाने लगी उसी वक्त के आधा दर्जन लोग घर में गैस सिलेन्डर को बन्द करने पहूँचे। लेकिन उसी वक्त किसी ने बिजली के स्वीच को आन कर दिया जिससे जोरदार धमाका हो गया। इस पूरे धमाके में कन्हैया विश्वकर्मा, व भिरगू धोबी का घर पूरी तरह से जमीदोजं हो गया। स्व0 छोटू विश्वकर्मा की पत्नी और पाँच पुत्रिया इस पूरे हादसे में घायल तो हुए लेकिन वो अभी तक सुरक्षित है। जिनमें से उनकी दो पुत्रियो का इलाज वाराणसी में हो रहा है। उनकी पत्नी सिलाई का काम करके अपने पूरे परिवार का भरण पोषण करती है।
स्व० छोटू विश्वकर्मा के बगल में कन्हैया विश्वकर्मा का घर है। जैसे ही कन्हेैया के परिवार में उनकी पत्नी और पुत्रियो ने शोर सुनकर तुरन्त मौके पर पहूँची और तब तक हादसा हो गया। जिसमें कन्हैया विश्वकर्मा के परिवार से सारिका, रीना, ममता, सोनम, घायल हुए है। जिसमें सारिका और शिम्पी की मौत हुई है। इस पूरे हादसे मे जिनकी मौत हुई है उसमें इम्तियाज 22 वर्ष, जिसान 16 वर्ष, यासिर 10 वर्ष, शिप्पी 19 वर्ष सारिका 22 वर्ष, सुजीत 8 वर्ष, सिवम 10 वर्ष, सुरेन्द्र 48 वर्ष, निधि 8 वर्ष, अभिषेक 10 वर्ष, अंशु 15 वर्ष, मुराती 45 वर्ष, सुनीता 30 वर्ष, साथ इस हादसे में घायलो की जो संख्या है उसमें शैलेस 32 वर्ष, राम बालक 57 वर्ष, रीना 22 वर्ष, मोना 20 वर्ष, सावित्री 22 वर्ष, ममता 22 वर्ष, सोनम 21 वर्ष, चमेली 50 वर्ष, सुभावती 58 वर्ष, रामरती 50 वर्ष, अजीत 8 वर्ष, अर्चना 15 वर्ष, संजना 16 वर्ष, इन्द्रावती 15 वर्ष है। जो इस पूरे हादसे मे घायल हुए है। घायलो का इलाज मऊ जिलाचिकित्सालय, आजमगढ ट्रामा सेन्टर, और वाराणसी ट्रामा सेन्टर में इलाज चल रहा है।

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