कैमूर: सदर अस्पताल स्थित पांच सौ लीटर प्रति मिनट आक्सीजन उपलब्ध कराने वाले प्लांट को समान रूप से पावर देकर चालू करने की बीते तीन माह से चल रही जद्दोजहद स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से शुक्रवार को पूरी हो गई। रांची से वाहन से लाया गया दो सौ केवीए के जनरेटर को वजनी होने के कारण मोहनियां से निजी क्रेन बुलाकर आक्सीजन प्लांट के बगल में पूर्व से बने उसके प्लेट फार्म पर स्थापित कर दिया गया। इसके चलते आक्सीजन प्लांट के संचालन की सभी परेशानी दूर हो गई। अस्पताल के बिजली मिस्त्री केबल जोड़ने की तैयारी में जुट गए है। जनरेटर के पहुंचाने आए महिद्रा कंपनी के सुपरवाइजर उमाशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री केयर फंड से क्रय किए गए दो सौ केवीए के साउंडलेस जेनरेटर की कीमत लगभग 14 लाख है। उन्होंने बताया कि शनिवार को दो सौ केवीए का जनरेटर अनुमंडल मोहनियां के आक्सीजन प्लांट के लिए पहुंच जाएगा। उल्लेखनीय है कि रामगढ रेफरल अस्पताल में एक सप्ताह पूर्व ही साढे 62 केवीए का जनरेटर पूर्व में ही पहुंच गया है। ज्ञात रहे कि आक्सीजन प्लांट हैदराबाद से आने के बाद पूर्व से बने स्थान पर बीते वर्ष सितंबर माह में ही लग गया था। जनरेटर क्रय करने की प्रक्रिया में विलंब होते देख अस्पताल प्रशासन ने कोरोना की चौथी लहर को ध्यान में रखकर वार्ड की तैयारी के साथ पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन सिलेंडर का भी इंतजाम कर लिया था।

पूर्व समय में क्या उठानी पड़ी परेशानी-

जिले में कोरोना की दूसरी भयावह लहर के दौरान मरीजों के इलाज में मुख्य भूमिका निभाने वाले आक्सीजन के लिए स्वास्थ्य विभाग को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 22 अप्रैल 2021 से 31 मई 2021 के दौरान कुल 160 छोटे व 1805 बड़े आक्सीजन सिलेंडर मंगाना पड़ा था। इसके लिए एक वाहन को आक्सीजन सिलेंडर लाने के लिए प्रतिदिन औरंगाबाद का चक्कर लगाना पड़ा था। इसके बाद ही सरकार ने सदर अस्पताल भभुआ में 500 व मोहनियां अनुमंडल मुख्यालय में 400 व रामगढ रेफरल अस्पताल में दो सौ लीटर प्रति मिनट आक्सीजन प्लांट लगाने का निर्णय लेते हुए कार्य पूरा कराया।

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