Thursday, September 23, 2021 at 5:16 AM

6 सितंबर को भारत बंद पर सुरक्षा -व्यवस्था ,बिहार सरकार के लिए होगी बड़ी चुनौती 

6 सितंबर को भारत बंद पर सुरक्षा -व्यवस्था ,बिहार सरकार के लिए होगी बड़ी चुनौती

>> खुफिया विभाग और आईबी के रिपोर्ट के बाद सूबे में हाई अलर्ट

>> एससी/एसटी मामले पर सवर्ण संगठनों ने किया हैं बंदी का एलान

>> सोशल मीडिया पर भारत सरकार के नीति के खिलाफ आक्रोशित है सवर्ण समाज

>> बिहार के चार केन्द्रीय मंत्रियों का बहिष्कार करेगा सवर्ण संगठन  -सुत्र

रवीश कुमार मणि

पटना ( अ सं ) । एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा आया फैसले के बाद देशभर में विरोध के स्वर जाग उठा था और आंदोलन तक हुये थे। भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानने से इंकार कर दिया ,इसके बाद सवर्ण जातियों में आक्रोश हैं । दो बार देश-व्यापी आंदोलन हो चुका हैं । गुरुवार ,6 सितंबर को भी भारत बंद का आह्वान ,सवर्ण संगठनों ने किया हैं ।
सवर्ण संगठनों द्वारा भारत बंदी के स्थितियों को देखें तो सबसे बड़ा प्रभाव यूपी ,राजस्थान, बिहार ,मध्यप्रदेश में हुआ था। जिस तरह से सवर्ण संगठनों ने तैयारियां किया हैं ,इससे यहीं कहां जा सकता हैं की पहले के भारत बंदी के आंदोलन से ज्यादा प्रभावकारी करने का प्रयास किया जाएगा ।सवर्ण संगठनों ने  प्रचार -प्रसार का  माध्यम सोशल मीडिया को बनाया हैं । हर-एक को सड़क पर उतरने का सवर्ण संगठनों ने आह्वान किया हैं । खुफिया विभाग और आईबी ने इसकी रिपोर्ट बिहार सरकार सहित केन्द्र सरकार को कर दिया हैं ।
सुत्रों की मानें तो खुफिया विभाग ने जो रिपोर्ट सरकार को दिया  हैं वह किसी राज्य के सुरक्षा -व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती हैं । आंदोलन को अक्रामक तक बताया गया हैं । इसको लेकर कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया हैं । पुलिस -फोर्स की बड़े तौर पर तैनात कर दिया गया हैं ,और आदेश दिया गया हैं की किसी हालत में किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी । पुलिस -प्रशासन के उच्च अधिकारियों का कहना हैं की किसी संगठन ने लिखित तौर पर बंदी की सूचना नहीं दिया हैं ,इसलिए किसी संगठन को इजाजत नहीं हैं ।भारत बंदी में रेलवे निशाना नहीं बनें इसके लिए हर तरह से तैयारियां पुरी कर ली गयी हैं और हर तरह के स्थितियों के मुकाबले के लिए तैयार रहने का आदेश दिया गया हैं ।
     सुत्रों की मानें तो सवर्ण समाज में दूसरे नेताओं से अधिक अपने समाज के नेताओं पर आक्रोश हैं । सवर्ण संगठनों का आरोप है की अपने समाज के नेता ,समाज के सही और उचित मांगों को सरकार के पास नहीं उठाते हैं ।इसको लेकर सवर्ण समाज से आनेवाले बिहार के चार केन्द्रीय मंत्रियों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया हैं । अन्य राज्यों के भी केन्द्रीय मंत्रियों एवं सनाज विरोधी नेताओं को सवर्ण संगठन  बहिष्कार करेगा ।
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