Wednesday, December 8, 2021 at 4:14 PM

साग-भाजी के साथ मसालों एवं दाल के भाव भी आसमान छू रहे

अंबेडकरनगर । खुदरा व्यापारी मंडी से डेढ़ गुनी कीमत पर अपना सामान बेच रहे हैं। इससे निम्न एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की थाली से दाल-सब्जी गायब हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर इसकी रोकथाम के लिए भी कोई पहल नहीं हो रही है। बाजार में सब्जियों के भाव सुन लोग उल्टे पांव लौट जा रहे हैं। सप्ताह भर में सब्जियों के साथ दाल की कीमत में डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी हुई है। 90 रुपये में बिकने वाली अरहर की दाल अब 105 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रही है। थोक बाजार में आलू जहां 20 रुपये किलो बिक रही है, वहीं खुदरा व्यापारी 25 और 30 रुपये में बेच रहे हैं। इसी तरह प्याज भी आंसू निकाल रही है।

पखवाड़े भर पहले मंडी में जहां इसकी कीमत 40 रुपये किलो थी, वहीं अब 60 के आसपास है। टमाटर 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम, हरी मटर 120 रुपये किलोग्राम, भिडी 40 रुपये, बैंगन 40 रुपये, फूलगोभी 30 से 35 रुपये, सूरन 60 रुपये प्रति किलोग्राम, नेनुआ 60 रुपये किलाग्राम, शिमला मिर्च 80 रुपये किलोग्राम है। हरी पत्ते वाली सब्जियों की स्थिति और भी चिताजनक है। खुदरा में मेंथी जहां 80 रुपये किलो तक बिक रही है, वहीं पालक भी 40 के पार है। इसी तरह सोआ भी होड़ कर रहा है। कमरतोड़ महंगाई के चलते मध्यम वर्गीय परिवारों में दाल सप्ताह में खास दिन बनने लगी है। सलाद में प्याज नहीं बस खीरा व नींबू से काम चलाना पड़ रहा है। सहालग का सीजन चल ही रहा है, ऐसे में बढ़ती महंगाई लोगों को काफी निराश कर रही है। दाल मंडी के विक्रेता रफीक अहमद ने बताया कि अरहर दाल 105 से 110 और पैकेट में 135 रुपये में बिक रही है। काला उर्द 50, हरा उर्द 125 रुपये, चना 75 और मसूर 75 रुपये में बिक रही है। दाल के साथ आलू, प्याज, टमाटर भी रसोई का बजट बिगाड़ रही है। शहरवासी राम कुमार वर्मा, सत्येंद्र पांडेय, प्रभावती, सुमन आदि ने बताया कि अरहर की दाल और सब्जियां काफी महंगी हो गई हैं, इससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।