सेब और रजनीगंधा की होगी खेती

समस्तीपुर।  उद्यान निदेशालय द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले का चयन किया गया है। आवेदक को पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर प्राथमिकता दी जाएगी। इच्छुक किसान आनलाइन आवेदन कर सकते है। जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत रजनीगंधा की खेती पांच हेक्टेयर व सेब की खेती एक हेक्टेयर में करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को वास्तविक लागत मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम 92 हजार 500 रुपये सहायता अनुदान दिया जाएगा।

उद्यान पदाधिकारी डा. श्रीकांत ने बताया कि जिले को रजनीगंधा की खेती के लिए चयन किया गया है। इस योजना से लाभ लेने वाले किसानों को आनलाइन आवेदन करना होगा। योजना का लाभ पहले आओ पहले पाओ की तर्ज किया जाएगा। रजनीगंधा फूल की मांग बढ़ी है। किसानों को उसे बिक्री करने के लिए इधर-उधर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फूल व्यवसायी खुद किसानों के खेतों से खरीदारी कर लेंगे।

फूल की खेती कर खुशहाल होंगे किसान

फूल की मांग बढ़ने के कारण किसानों को अच्छी आमदनी होगी। प्रत्येक वर्ष लाखों रुपये की कमाई बढ़ सकती है। जिले में मशरूम को जिस तरह से बढ़ावा देने के लिए विभाग ने लोगों को जागरूक किया है उसी तरह फूल की खेती के लिए भी प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। बताते चलें कि मशरूम उत्पादन को लेकर ग्रामीण इलाके के लोगों का एक समूह तैयार किया जाता है। तीन दिनों का प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें अनुदानित दर पर मशरूम का किट दिया जाता है। 90 प्रतिशत अनुदान की राशि मिलती है। जिले में 25 हजार सामान्य एवं पांच हजार एससी व एसटी किसानों को किट उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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