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नाखूनों की कमजोरी प्रोटीन की कमी का संकेत

नई दिल्ली। नाखूनों के टूटने या झड़ने को हम अगर अनदेखा कर देते हैं तो ये ठीक नही है यह हमारे शरीर में प्रटीन की कमी से होती है और अगर आप समय रहते इसका इलाज नहीं करेंगे तो यह समस्या आगे जाकर बढ़ सकती है। हर पोषक तत्व की ही तरह शरीर को प्रोटीन की भी जरूरत एक निश्चित मात्रा में होती है। इसकी अधिकता और कमी दोनों ही सेहत पर बुरा असर डालती है। अगर शरीर में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन न हो तो मसल्स और हड्डियों के अलावा स्किन और बाल से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।

बालों का कमजोर होना, टूटना या झड़ना भी प्रोटीन की कमी को दर्शाता है। बालों के बनने में चूंकि प्रोटीन का योगदान होता है, ऐसे में बाल इसकी कमी से तकलीफ में आ सकते हैं। इसी तरह नाखूनों की कमजोरी भी प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकती है। इसके कारण हाथ-पैरों के नाखूनों पर उभार उठना, सफेद लकीरें बनना और नाखूनों का टूटना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

मुरझाई हुई स्किन या स्किन पर पड़े रैशेज भी प्रोटीन की कमी से पनपते हैं। साथ ही कमजोरी, नींद में असंतुलन, घावों को ठीक होने में देर लगना, बार-बार भूख लगना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, चिड़चिड़ापन और ऊर्जा में कमी, सिरदर्द और चक्कर आना आदि तकलीफें भी प्रोटीन की कमी से हो सकती हैं।

वजन का तेजी से कम होना भी प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। दरअसल शरीर को जब प्रोटीन नहीं मिलता तो वह मसल्स को तोड़कर प्रोटीन लेने की कोशिश शुरू कर देता है। ऐसे में मसल्स खोने लगती हैं। इससे वजन में गंभीर कमी हो सकती है।

प्रोटीन की कमी से बचने के लिए चावल, गेहूं, मक्का, ओट्स आदि साबुत अनाज, सोया, मूंगफली, पालक, मटर, आलू, शकरकंद, डेयरी उत्पाद, फिश, अंडे आदि को अपने भोजन का जरूरी हिस्सा बनाएं। अगर आपको इसके लक्षण ज्यादा तीव्र नजर आ रहे हैं तो डॉक्टर से जांच करवाकर सप्लिमेंट्स और दवाइयां भी लें।

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