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तो क्या यूपी पुलिस को कार्यवाई का नही है डर

लखनऊ। प्रदेश में पुलिस के सिपाही एक बार फिर विरोध-प्रदर्शन की रणनीति बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज की बात करे तो 5 अक्टूबर की तरह ही 10 अक्टूबर को भी यूपी पुलिस के बागी सिपाही प्रदर्शन करेंगे। प्राप्त खुफिया रिपोर्ट के आधार पर डीजीपी मुख्यालय ने अलर्ट जारी किया है। इस बीच पांच अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करने के मामले में गाजीपुर में दो और सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही 11 पुलिसकर्मियों का तबादला भी कर दिया गया है।

दरअसल, पश्चिम यूपी में पुलिस कर्मियों की ओर से वॉट्सऐप पर मैसेज वायरल किया जा रहा है। जिसमें भड़काऊ बातें हैं। वायरल मैसेज में कहा जा रहा है कि 10 अक्टूबर को अपनी एकता दिखाने का मौका है। इसे लेकर मेरठ खुफिया विभाग के एक अधिकारी का पत्र भी वायरल हो रहा है। जिसमें सहारनपुर, मेरठ और गाजियाबाद के मंडलाधिकारियों से इस पर निगाह रखने का निर्देश दिया गया है। इसे देखते हुए डीजीपी की ओर से भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इस सन्दर्भ में पहले ही कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं।

सिपाहियों के विरोध की तैयारी पर डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर सिपाहियों की एक्टिविटी पर नजर रखी जा रही है। किसी भी कीमत पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। आगे भी अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी की पत्नी राखी मालिक की अपील पर डीजीपी ने कहा कि विरोध न करने से जुड़ी अपील और सोच प्रशंसनीय है।

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