झाँसी

झांसी : एसएसपी कार्यालय के सिपाही को गुंडों ने बेरहमी से पीटा

झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिला में अपराधियों का कहर लगातार जारी है। बदमाशों के आतंक पर लगाम लगाने में एसएसपी नाकाम साबित हो रहे हैं। जब झाँसी की पुलिस अपनी ही सुरक्षा नहीं कर पा रही है तो जनता की सुरक्षा कैसे करेगी इसकी बानगी ये घटना खुद बता रही है। दरअसल झांसी के एसएसपी कार्यालय में तैनात एक सिपाही को बुलेट सवार कुछ गुंडों ने गले में गमछा बांधकर घसीटा। इससे भी उनका जी नहीं भरा तो बेरहमी से पीटकर सिर पर पत्थर मारकर मरणासन्न कर दिया। अन्य पुलिसकर्मियों ने जब बदमाशों को दौड़ाया तो वह धमकी देते हुए भाग गए। एसएसपी ने आनन-फानन में घायल सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार एसएसपी ने सिपाही को मीडिया से बात नहीं करने के निर्देश दिए। वहीं घायल को अस्पताल से हटाकर घर भेज दिया। एसएसपी मीडिया को इस मामले में बयान देने से कतरा रहे थे। हालांकि इस घटना से पुलिसकर्मियों के भीतर दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एसएसपी ने सिपाही से दबाव बनाकर बयान भी बदलवा दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सिपाही से एसएसपी ने बयान दिलवाया कि वह रात में चाय लेने जा रहा था। हालांकि इस संबंध में पीड़ित सिपाही की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

सिपाही के गले में फंदा डालकर घसीटकर पीटा, पत्थर से सिर फोड़ा

जानकारी के मुताबिक, घटना इलाइट चौराहे के पास की है। यहां सोमवार की देर रात आरक्षी अंजेश सिंह ड्यूटी पर एसएसपी कार्यालय के लिए जा रहा था। उसकी ड्यूटी गेट पर संतरी के लिए लगी थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह इलाइट चौराहा के थोड़ा आगे यात्री होटल के पास पहुंचा था कि एक बुलेट पर तीन लोग सवार होकर उधर से गुजर रहे थे। इन तीनों गुंडों ने उसे रोका तो सिपाही रुक गया। इस दौरान तीनों उससे बहस करने लगे।

सिपाही ने अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते हुए उनका परिचय पूछा। तीनों ने अपना परिचय एक सांसद के रिश्तेदार के रूप में देकर एसएसपी का करीबी होने की बात कही। सिपाही ने जब बहस का विरोध किया तो तो तीनों आग बबूला हो गए। आरोप है कि बुलेट पर पीछे बैठे गुंडे ने सिपाही के गले में गमछा फंसा लिया और घसीटने लगा। इस दौरान तीनों गुंडों ने उसे बेरहमी से घसीट घसीट कर पीटा। इससे भी जब गुंडों का मन नहीं भरा तो उन्होंने सिपाही के सिर पर पत्थर मारकर उसे लहूलुहान कर दिया। चीख पुकार सुनकर कार्यालय में अन्य पुलिसकर्मी दौड़े तो गुंडे धमकी देते हुए भाग गए।

एसएसपी के करीबी बताये जा रहे आरोपी

घटना से कार्यालय में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मियों ने इसकी सूचना अपने अधिकारियों को दी तो थाने की पुलिस फ़ोर्स मौके पहुंची। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झाँसी विनोद कुमार सिंह ने घायल सिपाही को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एसएसपी ने इस बारे में मीडिया को कोई भी जानकारी देने से पुलिसकर्मियों को मना किया। मंगलवार सुबह जब मीडिया को जानकारी हुई तो सभी रिपोटर्स अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल में मीडिया पहुँचने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने गुपचुप तरीके से सिपाही को गुप्त जगह या घर पर भेज दिया। सूत्रों के मुताबिक, आरक्षी के पास पुलिस का पहरा लगाया गया है ताकि वह मीडिया से ना मिल सके। पुलिस सूत्रों का ये भी कहना है कि हमलावर कोई और नहीं बल्कि जो नेता लोग एसएसपी के साथ बैठकर शराब पीते थे उन्हीं ने सिपाही को पीटा है।लेकिन विभागीय अनुशासन की वहज से कोई खुल के नहीं बोल रहा है। इस घटना से पुलिसकमिर्यों में दहशत और आक्रोश व्याप्त है। वहीं एसएसपी इस घटना पर मीडिया को बयान देने से बच रहे थे। अब ऐसे में आप सोच सकते हैं कि झाँसी में जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है तो जनता कितनी सुरक्षित होगी, ये बड़ा सवाल है।

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