भारतीय संगीत-नृत्य कला को बढ़ाना देने के लिए सरकार करेगी आर्थिक मद्द

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार भारतीय संगीत और नाट्य व नृत्य कला को बढ़ाना देने का फैलसा किया है। इस लिए योगी सरकार भारतीय संगीत-नृत्य कलाओं का यूपी के बाहर के संस्थानों से प्रशिक्षण ले रहे प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को 25000 रुपए तक की आर्थिक सहायता देगी।
इस सम्बन्ध में संस्कृति विभाग के निदेशक शिशिर ने आईपीएन को बताया कि योग्य एवं प्रतिभाशाली छात्र जो भारतीय संगीत, भारतीय शास्त्रीय नृत्य, नाट्य, दृश्य कला, लोक एवं पारम्परिक कलायें, उपशास्त्रीय संगीत एवं दुर्लभ कलाओं में प्रदेश के बाहर किसी अन्य प्रदेश में स्थित लब्ध प्रतिष्ठ प्रशिक्षण संस्थान में व्यावसायिक उपाधि के लिए प्रशिक्षण ले रहें हैं, को वास्तविक ट्यूशन फीस अथवा 25000 रुपये जो भी कम हो तक की आर्थिक सहायता के रूप में प्रतिपूर्ति की जायेगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत लाभ प्राप्त किये जाने के लिए वांछित सूचनाएं स्पष्ट रूप से निर्धारित फार्म में भर कर भेजनी होगी। केवल निदेशालय द्वारा निर्धारित फार्म पर ही आवेदन मान्य होंगे। उन्होंने बताया कि आवेदन पत्र आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किये जाने वाले संस्थान के प्रधानाचार्य-संबंधित कला विधा के डीन-हेड से प्रशिक्षण संस्थान के छात्र होने के प्रमाण के साथ संस्तुत होना अनिवार्य होगा। आवेदन पत्र संस्कृति निदेशालय, उप्र नवम् तल, जवाहर भवन, लखनऊ में जमा किये जायेंगे।
शिशिर ने बताया कि आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 नवम्बर है। संस्तुति रहित एवं विलम्ब से प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जायेगा। आवेदन को इच्छुक छात्र-छात्राएं आवेदन पत्र का प्रारूप वेबसाइट- नचबनसजनतमण्नचण्दपबण्पद और संस्कृति निदेशालय से प्राप्त किया जा सकता है।

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