मॉ विन्ध्यवासिनी के दर्शन के लिए उमड़ा आस्थावानों का सैलाब

मिर्जापुर। शारदीय नवरात्र मेला के चौथे दिन शनिवार को मॉ विन्ध्यवासिनी देवी के दरबार में विधि-विधान से दर्शन-पूजन करने के लिए आस्थावान उमड़ पड़े। गुड़हल, गुलाब और कमल के पुष्पों से मॉ का किया गया भव्य श्रृंगार दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो उठे। भोर में मंगला आरती के बाद गर्भगृह खचाखच भर गया। नवरात्र के चौथे दिन मॉ विन्ध्यवासिनी के चरणों में हजारों भक्तों ने मत्था टेका। घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा और माता के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो गया। अष्टभुजा और कालीखोह मंदिरों पर दर्शन पूजन करके भक्तों ने त्रिकोण परिक्रमा की।
श्रद्धालु बड़े ही श्रद्धा भाव से माता के धाम में शीश झुकाकर सुख-समृद्धि के लिए कामना किया। विन्ध्यधाम के गंगा घाटों पर स्नान करने के बाद मॉ विन्ध्यवासिनी के दरबार में पहुॅचे भक्तों ने विधिवत दर्शन-पूजन किया। मंदिर पहुॅचने के बाद कोई गर्भगृह में तो कोई झांकी से मॉ के भव्य स्वरूप का दीदार किया। बीच-बीच में मॉ की भव्य आरती और पूजन के समय कपाट बन्द रहे, लेकिन आरती के बाद गलियों में भक्तों की थमी लाइनें पुनः चलने लगी थी। भक्त हाथ में नारियल-चुनरी, माला-फूल, रोरी-रक्षा, कपूर-धूपबत्ती एवं प्रसाद लेकर विन्ध्यधाम पहुॅचे जहां मॉ का फूलों से किया गया भव्य श्रृंगार का दर्शन पाकर निहाल हो उठे। मेला क्षेत्र के न्यू वीआईपी और पुरानी वीआईपी गली, मॉ के धाम तक पहुॅचने वाली गलियों में श्रद्धालु हाथ में प्रसाद लिए मॉ का जयकारा लगाते बढ़ रहे थे। शारदीय नवरात्र मेला को देखते हुए विन्ध्य की गलियों में प्रसाद की दुकाने सज गई थी। विन्ध्यधाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखते हुए सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किये गये थे। मॉ विन्ध्यवासिनी का दर्शन पूजन करके भक्त मंदिर परिसर स्थित अन्य देवी-देवताओं का दर्शन पूजन करके अष्टभुजा और कालीखोह मंदिरों पर पहुॅचे।

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