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मोदी-योगी सरकार पर्यावरण संहार में जुटी : अखिलेश

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा की कथनी और करनी में जमींन-आसमान का अंतर अब साफ-साफ दिखने लगा है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो लम्बे चैड़े वादे किए थे उनका क्या हुआ? युवाओं को 2 करोड़ नौकरियां, जनधन खाते में 15 लाख रूपए की आमद, कालेधन की वापसी जैसे वादे हवाई हो गए हैं। ऐसे ही प्रधानमंत्री जी देश में और विदेशी मंचों पर पर्यावरण की रक्षा की चिंता तो खूब दिखाते हैं पर उनकी डबल इंजन की उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण का संहार करने पर ही जुट गई है। भाजपा का यह दोहरा चरित्र और आचरण एक तरह से उसका स्वभाव बन गया है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारत-नेपाल सीमा पर सामरिक महत्व की एक सड़क बनाने की योजना है, जिसका निर्माण का कार्य नवम्बर 2018 से शुरू होने की उम्मीद है। अखिलेश ने कहा कि इस योजना में दो टाइगर रिजर्व और 3 वन्य जीव अभयारण्य तो प्रभावित होंगे ही लगभग 55 हजार पेड़ों का भी विनाश होना है। इनमें साल, जामुन, नीम आदि के पेड़ बहुतायत में है। बहुत से पेड़ तो 200 वर्ष पुराने हैं। प्रदेश के तराई क्षेत्र में कई विलुप्त प्राय प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें बाघ, भालू, हिरन तथा अन्य जीव शामिल हैं। इस सड़क के लिए 287 हेक्टेयर जमींन की आवश्यकता होगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से वन्य जीवों के लिए खतरा पैदा हो जाएगा। ऐसे भी घटते वन क्षेत्र से जहां पशु पक्षियों का जीवन संकटग्रस्त हो रहा है, वही पर्यावरण पर पड़ने वाले असर के चलते ऋतु चक्र भी बहुत प्रभावित होता है। प्रदेश की भाजपा सरकार को पर्यावरण की चिंता होती तो वह कम से कम वन क्षेत्र के विनाश और पेड़ों की कटान की योजना नहीं बनाती। यह राज्य के हितों के विरूद्ध योजना है जिसकी निंदा की जानी चाहिए।

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