प्रेमिका को नौकरी से निकालने पर हुई थी जेएचवी मॉल में फायरिंग

वारदात के दौरान चली 16 राउंड गोली में दो निर्दोषों की जान चली गई, एसएसपी ने बताया कि सुरक्षा में चूक के लिए मॉल संचालकों और सुरक्षा एजेंसी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

वाराणसी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवदेनशील वाराणसी के छावनी क्षेत्र स्थित जेएचवी मॉल में बुधवार को अंधाधुंध फायरिंग हो गई थी। पुलिस की जांच में फायरिंग के पीछे बदमाश की प्रेमिका को एक शोरूम से नौकरी से निकाले जाने की वजह सामने आई। चिह्नित हमलावर की गिरफ्तारी के लिए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रावासों के अलावा चंदौली जिले में पुलिस की टीमों ने छापेमारी शुरू कर दी। एसएसपी ने बताया कि सुरक्षा में चूक के लिए मॉल संचालकों और सुरक्षा एजेंसी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

मॉल में ताबड़तोड़ फायरिंग से पुलिस के होश उड़े हैं। फायरिंग करने वाले बदमाश की फोटो सीसीटीवी में कैद होने के साथ उसकी पहचान भी हो गई है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जांच के तमाम इंतजाम के बाद भी बदमाश असलहे लेकर मॉल में कैसे दाखिल हो गए। वाराणसी और सीतापुर दोनो शहरों की घटनाएं भयभीत करने वाली हैं। मॉल में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग करने का दुस्साहस हो या फिर पुलिस के बड़े अफसर की मौजूदगी में दारोगा को पीटना। ये घटनाएं साफ दिखा रही हैं कि कानून-व्यवस्था बदतर हो रही है। सरकार को तत्काल कुछ ऐसे सख्त कदम उठाने होंगे, जिससे हालात सुधरें और पुलिस का रसूख कायम हो।

दो निर्दोषों की चली गई जान
पुलिस को जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक वारदात किसी और से दुश्मनी में हुई, जबकि दो निर्दोषों की जान चली गई। हमलावरों में एक काशी विद्यापीठ का छात्र आलोक उपाध्याय और दो उसके दोस्त बताए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक जिस हमलावर का नाम सामने आया है उसकी प्रेमिका मॉल में खुले कपड़ों और जूतों के शोरूम में काम करती थी। पिछले दिनों शोरूम के संचालक ने उसे नौकरी से हटा दिया था। प्रेमिका को नौकरी से हटाने और कपड़ा खरीदने में मनमाफिक छूट न मिलना वारदात की वजह बताई जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हमलावरों के पकड़े जाने के बाद सही कारण पता चल सकेगा।

मेटल डिटेक्टर और सुरक्षाकर्मियों के बीच से कैसे निकल गया असलहा
जानकारी के मुताबिक, इनका तीसरा साथी बाइक लिए मॉल के सामने की सड़क पर खड़ा था। फायरिंग कर बाहर आने पर बदमाश तीसरे साथी के साथ बाइक से भागे। मॉल के दो प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगा है और दोनों गेटों पर सुरक्षा गार्ड भी तैनात हैं। वारदात के समय सुरक्षा गार्डों के मौजूद रहते बदमाश असलहे लेकर मॉल के अंदर कैसे पहुंच गए, यह जांच का प्रमुख बिंदु बना है। पुलिस को इस सवाल का जवाब भी नहीं मिला कि जब एक बदमाश से शोरूम के कर्मचारी उलझे रहे तब सुरक्षा गार्डों ने उसे पकड़ने की कोशिश के साथ पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी। वाराणसी रेंज के आईजी विजय सिंह मीणा ने बताया कि बदमाशों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई होगी। बोले, मॉल के अंदर बदमाशों के असलहे लेकर जाना गंभीर मामला है। प्राथमिकता वारदात में शामिल बदमाशों को पकड़ने की है। मॉल में किस स्तर पर सुरक्षा में चूक हुई, इसकी विधिवत जांच करवाई जाएगी। सुरक्षा गार्डों की भूमिका की जांच होगी और दाषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

वारदात के दौरान 16 राउंड गोली चली
फायरिंग में जान गवाने वाला पांडेयपुर का गोपी तीन भाईयों में सबसे छोटा और अविवाहित था। वहीं, शिवपुर निवासी टेलर सुनील की शादी हो गई है और छोटे बच्चे हैं। बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचे गोपी और सुनील के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवारीजनों को कहना था कि आखिर गोपी और सुनील का क्या कसूर था। अब दोनों के परिवार का सहारा कौन बनेगा। दोनों मृतकों के परिवारीजनों ने हत्यारोपितों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा भी किया। गोपी मॉल में काम करने वाला हेल्पर और सुनील एक शोरूम में टेलरिंग का काम करता था। पास के शोरूम में घुसे एक युवक ने वहां के मैनेजर प्रशांत मिश्रा के बारे में पूछताछ की। इस बीच एक ने पिस्टल निकाल ली तो शोरूम में मौजूद हर्षित सहित अन्य ने शोर मचाया। अगल-बगल के शोरूम में काम करने वाले बाहर निकले और पिस्टल निकालने वाले युवक को दबोच लिया। इसी समय युवक के साथी ने दो पिस्टल निकाल कर फायरिंग कर दी। वारदात के दौरान 16 राउंड गोली चली।

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