कारोबार

आने वाले दिनों में महंगाई पर आरबीआई ने क्या चेताया जाने

नई दिल्ली।भारतीय रिजर्व बैंक के मॉनिट्री पॉलिसी कमेटी के सदस्यों ने कहा है कि मंहगाई दर में नरमी से अगस्त में हुई बैठक में रेट कट किया गया था। लेकिन इस दौरान आगाह किया गया था कि इससे कंज्यूर प्राइसेज में तेजी देखने तको मिल सकती है। यह जानकारी बुधवार को हुई मीटिंग के जारी हुए मिनट्स से मिली है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने दो अगस्त को रेपो रेट में चौथाई फीसद 0.25 फीसद, की कटौती की थी। इसके बाद रेपो रेट 6.25 फीसद से घटकर 6 फीसद पर आ गई है। वहीं रिवर्स रेपो में भी चौथाई फीसद की कटौती की गई है। रिवर्स रेपो 0.25 फीसद घटकर 5.75 फीसद हो गई है। जानकारी के लिए बता दें कि सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसे 4 फीसद पर बरकरार रखा गया है। गौरतलब है कि एमपीसी की अगली बैठक 3 और 4 अक्टूबर को होगी। आरबीआई का मानना है कि 18 से 24 महीनों में रिटेल इंफ्लेशन में एक फीसद की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

एमपीसी के चार सदस्यों ने बैठक में रेपो रेट को 25 बेसिस प्वाइंट कम करने के पक्ष में वोट दिया था जबकि एक ने 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती के पक्ष में वोट किया। वहीं एक सदस्य का कहना था कि रेपो रेट को अपरिवर्तित रखा जाए। आपको बता दें कि एमपीसी में कुल 6 सदस्य होते हैं।
एचएसबीसी ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि मंहगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक बढ़े हैं। भारतीय रिजर्व बैंक अगले रेट से पहले रेट कट से पहले थोड़ा वक्त ले सकता है। रिपोर्ट में अर्थशास्त्रियों का कहना है कि हो सकता है कि आने वाले कुछ बैठकों में आरबीआई ब्याज दरों में कटौती न करें, लेकिन अगर साल के अंत तक रिटेल मंहगाई चार फीसद से कम रहती है तो ब्याज दर में चौथाई फीसद तक की कटौती देखने को मिल सकती है।

loading...
=>

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *