पुलिस की गुन्डई : अवैध रूप से पुलिस कस्टडी में रखें युवक को उल्टा लटकाकर पीटा

एटा। योगी सरकार में पुलिस की गुंडई के चलते जनपद फिरोजाबाद में पुलिस कस्टडी में बीते दिन हुई मौत के बाद भी पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया और आज एटा के थाना कोतवाली देहात में दरोगा ने अवैध तरीके से पुलिस कस्टडी में रखे युवक को रस्सी से बांधकर उल्टा लटका कर इतना पीटा कि उसकी हालत बिगड़ गई। मजबूरी में उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। कई बार अधिकारियों से शिकायतों के बाद भी अधिकारियों ने पीड़ित पक्ष की एक न सुनी।
जनपद के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम चुन्नपुरा निवासी चरन सिंह व मानपाल पुत्रगण महेंद्र पाल को बीस दिन से थाना कोतवाली देहात पुलिस अवैध रूप से कस्टडी में थाने में बैठाये दो सगे भाइयों में से एक को पुलिस ने उल्टा लटका कर पीटा। जिसकी हालत बिगड़ जाने के बाद मजबूरी में थाना पुलिस ने उसे जिला चिकित्सालय एटा में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
जिला चिकित्सालय में भर्ती चरण सिंह ने बताया कि थाने में तैनात दरोगा राजेश द्वारा मुझे व मेरे भाई मानपाल को 20 दिनों से थाने में बैठाए हुए हैं। बीते दिन मुझे हाथ पैर बांधकर कमरे में छत में कुंदे से लटका कर बुरी तरह से पीटा गया। दरोगा मुझसे बच्चे के अपहरण करने की बात कहलवाना चाहता था, जो मैंने नहीं मानी। बताते बताते चरण सिंह फूट-फूट कर रोने लगा।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात अनूप भारती ने बताया कि बीते 10 अक्टूबर को गांव के वीरेंद्र सिंह के आठ वर्षीय बच्चे का अपहरण हो गया था जिसकी अज्ञात में रिपोर्ट थाने में दर्ज की गई थी। मोनू के बाबा ने भोपाल में चरण सिंह व मानसिंह पर संदेह व्यक्त कर एक दूसरा प्रार्थना पत्र दिया था जिसके आधार पर उनसे पूछताछ कर रही है तथा वह बीते दो दिनों से छुट्टी पर था आज ही वापस आया है उसे ज्यादा जानकारी नहीं है कि चरण सिंह के साथ क्या हुआ।
घटना की शिकायत उसके भाई ने लिखित तहरीर देकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी से की है। जिसमें चरन सिंह को पुलिस कस्टडी में उल्टा लटका कर मारपीट करने की व झूठे केस में फंसाने की एक शिकायत की गई है। उन्होंने बताया कि 4 नवंबर को थानाध्यक्ष कोतवाली देहात अनूप कुमार भारती ने चरण सिंह मान पाल को पूछताछ के लिए थाने बुलाया और तभी से थाने में कस्टडी में लेकर अवैध तरीके से बैठाए रखा गया और तभी से पुलिस दोनों को बराबर टॉर्चर भी कर रही थी। बीते दिन उल्टा लटका कर मारपीट करने से बिगड़ी हालत पर उन्हें मजबूरी में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस की पिटाई से हालत बिगड़ने पर चरण सिंह जिला चिकित्सालय में भर्ती था।
पुलिस कस्टडी में पिटाई के बाद हालत बिगड़ने की सूचना पर थानाध्यक्ष के अलावा कोई भी वरिष्ठ अधिकारी जिला चिकित्सालय पीड़ित का हाल पूछने वा देखने नहीं पहुंचा और ना ही किसी ने उक्त मामले को गंभीरता से लिया है। पीड़ित पक्ष के लोगों को अंदेशा है कि पुलिस उनपर फिर से कोई झूठा मुकदमा लिख कर उनका उत्पीड़न ना करें।

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