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कार्य -व्यवहार में दक्ष , पुलिस पदाधिकारी ही बनेंगे थानाध्यक्ष -आईजी

 सभी जिले के एसएसपी /एसपी लेंगे इंस्पेक्टर ,सब इंस्पेक्टर का इंटरव्यू ,संतुष्ट होने पर सौंपेंगे कमान

>> जांच में दोषी पाएं जाने पर होगी विभागीय कार्रवाई ,ग्रेड डाउन एवं सेवा बर्खास्त

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । पैरवी और पहुंच के बल पर अब थानाध्यक्ष की कुर्सी नहीं मिलने वाली हैं । जो इंस्पेक्टर ,सब -इंस्पेक्टर ,कार्य-व्यवहार में दक्ष होंगे उन्हें ही थानाध्यक्ष बनाने का दिशा -निर्देश ,जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खां ने सभी जिले के एसएसपी और एसपी को दिया हैं । थानाध्यक्ष बनने से पूर्व एसएसपी और एसपी के इंटरव्यू में पास होना होगा ।
        पुलिस मुख्यालय के हाई लेवल की मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है की पहले पुलिस विभाग को अंदर से सही पूर्वक ठीक करना होगा । पुलिस मुख्यालय ने सिपाही स्तर के करीब 11 हजार सिपाहियों को एक साथ ट्रांसफर कर दिया तो वहीं पटना जोन में वर्षों से एक ही स्थान पर जमे 870 पुलिस पदाधिकारियों को जोनल आईजी एन एच खां ने ट्रांसफर करते हुये दूसरे जिले का रास्ता दिखा दिया । सही लोगों को थानाध्यक्ष बनाया जाएं ,इसके लिए आईजी एन एच खां ने सभी जिले के एसएसपी /एसपी को गाइड लाइन देर शाम जारी कर दिया ।

     कार्य-व्यवहार में दक्ष ही बनेंगे थानाध्यक्ष

पहले यह देखा जाता था की जिस इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर की पैरवी और पहुंच होती थी वहीं अधिकांश थानाध्यक्ष बनाएं जाते थें। लेकिन अब ऐसा चलने वाला नहीं हैं । जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खां ने बीते मंगलवार को बड़े पैमाने पर वर्षों से जमे पुलिस पदाधिकारियों को एक साथ ट्रांसफर कर दूसरे जिले का रास्ता दिखा दिया हैं । इसके बाद बुधवार को जोनल आईजी एन एच खां ने सभी एसएसपी और एसपी के नाम दिशा -निर्देश जारी कर दिया । इसके माध्यम से यह कहां गया हैं की थानाध्यक्ष उन्हें ही बनाएं जो कार्य-व्यवहार में दक्ष हो। थानाध्यक्ष का कमान सौंपने से पहले एसएसपी और एसपी ,इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर का इंटरव्यू लेंगे ।पूर्व के कार्यों का समीक्षा करेंगे ।अगर पूर्ण रूप से संतुष्ट पाएं जाएंगे तो ही उन्हें थानाध्यक्ष बनाएं। थानाध्यक्ष के अच्छी छवि से ही पुलिस विभाग की छवि बेहतर होती हैं ।चुकी कोई भी पीडि़त व्यक्ति सबसे पहले थाना ही जाता हैं ।अगर उसे वहीं पर उचित न्याय मिल जाती है तो ऊपर में किसी वरीय अधिकारियों के पास शिकायत नहीं पहुंचती हैं और पुलिस के प्रति आस्था बढ़ती हैं ।

ग्रेड डाउन और सेवा बर्खास्त की होगी कार्रवाई

थानाध्यक्ष की गलत और संदिग्ध भूमिका के कारण लगातार वरीय पुलिस अधिकारियों द्वारा निलंबित की कार्रवाई की जाती हैं । कुछ दिनों बाद पुनः सेवा बहाल कर दिया जाता हैं । निलंबन कोई विशेष कार्रवाई नहीं होती ,यहीं कारण है की लापरवाह पुलिस पदाधिकारी ,अपने अंदर सुधार करने की गुंजाइश कम रखते हैं । जैसे ही निलंबन खत्म हो जाता है वह पुनः थानाध्यक्ष बनने की चाहत पाल लेते हैं लेकिन आदत नहीं सुधार करते । जो पुलिस पदाधिकारी ,जांच में दोषी पाएं जाएंगे ,उन्हें ग्रेड डाउन की कार्रवाई की जाएगी और गंभीर आरोप रहें तो विभागीय कार्रवाई करते हुये सेवा बर्खास्त किया जाएगा ।आईजी एन एच खां ने कहां की अनुशासन ही इंसान को महान बनता हैं ,पुलिस विभाग में अनुशासन और कानून का पालन सबसे बड़ा हथियार हैं । इसे हर किसी को पालन करना चाहिए ।
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