अस्पताल का कूड़ा अलग- अलग करे  रिसायकल ,मिल सकता आर्थिक लाभ

 लखनऊ !  इंडियन सोसाइटी ऑफ हॉस्पिटल वेस्ट मैनेजमेंट के 18 वी वार्षिक कॉन्फ्रेंस  का आयोजन शनिवार को केजीएमयू के एन्वॉयरमेंट विभाग  ने अटल बिहारी वाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में किया गया।जिसमें  डॉ. परवेज ने बताया कि प्रभावी रूप से कूड़े का किस प्रकार का मैनेजमेंट होना चाहिए। इसके लिए आवश्यक है कि अस्पताल का कूड़ा अलग- अलग करके रिसायकल किया जाए।हलाकि रिसायकल के बाद प्राप्त होने वाले पदार्थ उपयोगी होते है जिससे आर्थिक लाभ भी कमाया जा सकता है। बताया कि जिसमे  नुकीले कूड़े जैसे निडिल , ऑपरेशन के समय प्रयुक्त होने वाले औजारों को अलग एकत्र करना चाहिये और पूरी सावधानी से प्रोटोकॉल के अनुसार डिस्पोज करना चाहिए । इससे कर्मचारियों को खतरनाक संक्रमण से बचाया जा सकता है।
 
अस्पताली कूड़े के वैश्विक दुष्प्रभावों की चर्चा 
 
बेंगलोर से आई डॉ  सुमन ने खुद  के द्वारा स्थापित वेस्ट मैनेजमेंट के मॉडल को प्रस्तुत किया जो कि एक प्रभावी और आइडियल माना जाता है अस्पतालों को उसको अपनाने पर जोर दिया। डॉ अलेक्जेंडर ने बताया कि अगर प्लास्टिक को जितनी ज्यादा बार रीसायकल करेंगे उतना ही ज्यादा दुष्प्रभाव ज्यादा होंगे।
 
ये रहे उपस्थित 
 
डॉ. अनुपम बाखलु , उप सचिव डॉ  परवेज  डॉ.  कीर्ति श्रीवास्तव  डॉ.  डी हिमांशु , साऊथ ईस्ट एशिया रीजन के प्रमुख डॉ. अलेक्जेंडर अन्य लोग उपस्थित रहे !   
=>
loading...
WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
E-Paper