वसीम ने अपनी फिल्म “राम जन्म भूमि“ का जारी किया दूसरा पोस्टर

लखनऊ। तमाम मिल रही धमकियों के बावजूद फ़ीचर फिल्म “राम जन्म भूमि“ के लेखक एवं निर्माता और उ.प्र. शिया सेण्ट्रल वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष सै0 वसीम रिज़वी ने अपनी फिल्म “राम जन्म भूमि“ का दूसरा पोस्टर जारी किया है। जनवरी के पहले हफ़ते में रिलीज होने वाली इस फिल्म के लिए रिज़वी कहते हैं कि यह पिक्चर किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज में इंसानियत के खिलाफ़ फैली बुराईयों को देखने की एक कोशिश है जिससे समाज में आपसी भाईचारा कायम हो सके और समाज के दुषमन बेनकाब हो सके।
रिज़वी ने आईपीएन को दिए अपने बयान में कहा है कि 06 दिसम्बर, 1992 अयोध्या की सुबह बाबर और मीरबाकी के कुकर्म और जुल्म के खिलाफ उठी एक आवाज़ थी जिसमें बाबर के कलंकों को ध्वस्त कर दिया। खेद का विषय है कि 06 दिसम्बर, 1992 से पहले 31 अक्टूबर और 02 नवम्बर, 1990 को जो हुआ वह भी अयोध्या में कभी नहीं हुआ था। निहत्थे कार्यसेवकों पर पुलिस की गोलियां चली, कई दर्जन लोग मारे गये, उनके खून से अयोध्या की पवित्र धरती लाल हुई, लेकिन राजनीतिक कारणों से उस गोली काण्ड पर पर्दा डाला जा रहा है। किसी एक इमारत के गिरने से बड़ी घटना निहत्थे इन्सानों का कत्लेआम है। वर्ष 1528 में जो अयोध्या की धरती को मीरबाकी ने हिन्दुओं के खून से लाल किया, वही 02 नवम्बर, 1990 को उस वक्त की हुकूमत की पुलिस ने किया।
रिज़वी ने कहा कि इसी घटना पर आधारित है हमारी फ़िल्म “राम जन्म भूमि“। जब से मेरे द्वारा राम जन्म भूमि का एक पोस्टर और एक ट्रेलर जारी किया गया है। रोज़ कई फ़ोन काल हमारे मोबाइल पर हमें गालियां देने के लिए पूरी दुनिया से कट्टरपंथी समाज के जाहिल लोग कर रहे हैं।
रिज़वी ने कहा कि टाईगर मेमन जोकि बाम्बे बम ब्लास्ट का मुख्य आरोपी है उसके भाई अब्दुल मेमन ने हमारी राम जन्म भूमि पिक्चर खरीद कर नष्ट करने के लिए मुझ पर दबाव डाला। हमारे मना करने पर हमें जान से मार देने की धमकी दी और पिक्चर रिलीज होने पर थियेटर्स को जलाये जाने की भी धमकी दी। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी वहाबी मुल्ला और उनके मानने वाले जुल्म के पैरोकार हैं, इंसानी खून बहाने में उनके दिलों में रहम नहीं है।
रिज़वी ने कहा कि हम शिया मुसलमान हैं, इस वजह से हमें और ज़्यादा निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन राम जन्म भूमि के संबंध में जो मेरे विचार हैं वह इस्लामिक सिद्धान्तों के अनुसार हक़ का साथ देने के लिए है और हर मुसलमान का यह फ़र्ज है, कि वह इन्सानियत का पैरोकार हा,े और किसी भी धर्म का भेद-भाव किये बगैर हक का साथ दे।
रिज़वी ने कहा कि मेरे द्वारा कट्टपंथियों के डरे बगैर दोबारा अपनी पिक्चर “राम जन्म भूमि“ का एक दूसरा पोस्टर जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिक्चर जनवरी के पहले हफ़ते में रिलीज की जायेगी। यह पिक्चर किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज में इंसानियत के खिलाफ़ फैली बुराईयों को देखने की एक कोशिश है जिससे समाज में आपसी भाईचारा कायम हो सके और समाज के दुषमन बेनकाब हो सके।

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