प्रधानमंत्री ने लिखा तेंदुआवन की शिक्षिका ममता मिश्रा को पत्र

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सार्वजनिक मंचों से डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना तो करते ही हैं, व्यक्तिगत स्तर पर भी वे इस तरह के प्रयासों की हौसलाफजाई से चूकते नहीं हैं। इस बार प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद जनपद के प्राथमिक विद्यालय, तेंदुआवन की शिक्षिका सुश्री ममता मिश्रा को पत्र लिखकर प्राथमिक शिक्षा को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने के लिए उनकी सराहना की है।

दरअसल ममता मिश्रा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बताया था कि कैसे उन्होंने अपने स्तर पर प्राथमिक शिक्षा के डिजिटलीकरण का प्रयास किया है। इस पत्र का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा है- ‘डिजिटल क्रांति ने युवा विद्यार्थियों और विभिन्न विषयों के जिज्ञासु लोगों को काफी सुविधाएं दी हैं। ज्ञान प्राप्ति के बदलते माध्यमों में विभिनन्न ऐप्स और शैक्षिक वीडियो युवाओं की पसंद बनकर उभरे हैं। मुझे खुशी है कि आपने इसे समझते हुए 3-एच सिद्धांत के द्वारा ज्ञान के प्रकाश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया है। न्यू इंडिया के स्वप्न को पूर्ण करने के लिए आप जैसे जागरुक और नवाचार को बढ़ावा देने वाले देशवासियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।’
इससे पहले ममता मिश्रा ने अपने पत्र में लिखा था कि उन्होंने हेड, हैंड और हार्ट (3-एच) के सिद्धांत को अपनाकर शैक्षणिक वीडियो के माध्यम से देश के कोने कोने में छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने का प्रयास किया है। ममता डिजिटल माध्यम से घर घर तक शिक्षा की अलख जगाना चाहती हैं। ममता व्यावहारिक शिक्षा और शिक्षा में संवाद की भूमिका को महत्वपूर्ण मानती हैं। ममता मिश्रा ने छुद को प्रधानमंत्री के ‘मन की बात कार्यक्रम’ से खासा प्रभावित भी बताया है।

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