सिग्नेचर ब्रिज दिल्ली खुद की दावेदारी पर भाजपा व आम आदमी पार्टी की सोच घटिया-संजय शर्मा 

गाजियाबाद।जनपद गाजियाबाद की साहिबाबाद विधान सभा वसुंधरा से लगातार10 वर्ष तक कांग्रेस पार्टी के पार्षद रहे एवं पी सी सी सदस्य संजय शर्मा ने आज तरुणमित्र समाचार पत्र से साझा किए अपने विचार में बताया कि भाजपा सरकार और आम आदमी पार्टी के नेताओं के द्वारा जिस तरह से जुमलेबाजी की जा रही है। उससे यह तो साफ हो गया है।कि काम कोई और करे और वाहवाही लूटने के लिए मौके का फायदा कोई और उठाए ,वाह री सरकार और उसके नेता,आगे समझने के लायक बात है।भाजपा सरकार और आम आदमी पार्टी के नेताओं की सोच,पर शर्म आती है।कहते हैं।कि वाहवाही तो कोई भी लूट सकता है।परंतु काम करना बड़ा ही कठिन है, और ऐसा ही वाकया है सिग्नेचर ब्रिज का।18 नवंबर 1997 की सुबह थी।रोजाना की तरह अपने मम्मी-पापा को बाय-बाय करते हुए यमुना विहार व भजनपुरा,गांवड़ी आदि के बच्चे एक बस में सवार होकर घर से निकले थे। ये बच्चे सिविल लाइन स्थित लुडलो कैसल नंबर दो के थे।बच्चों को बस में बैठाए हुए मुश्किल से 15 मिनट ही हुए थे कि परिजनों को सूचना मिली कि लुडलो कैसल स्कूल की बस वजीराबाद पुल से यमुना में गिर गई है। इसमें 28 बच्चों की मृत्यु हो गई थी। जनता के आक्रोश को देखकर तत्कालीन भाजपा सरकार ने बजीराबाद में यमुना पर पुल बनाने की घोषणा की लेकिन जैसा कि भाजपा की आदत मे शुमार है।यह घोषणा मात्र एक जुमला ही बनकर रह गई थी, उसके बाद दिल्ली की जनता ने दिल्ली कि सत्ता कांग्रेस को सौंपी और कांग्रेस सरकार ने दिल्ली के नवनिर्माण का जिम्मा उस समय मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित को सौंपा। श्रीमती दीक्षित ने अपने मुख्यमंत्री कार्याकाल के दौरान दिल्ली के नवनिर्माण के लिए दिन रात मेहनत कर दिल्ली को सैंकडों पुल और फ़्लाई ओवर दिए उसी में से एक है “सिग्नेचर ब्रिज” जिसकी नीवं श्रीमती दीक्षित ने 2004 में रखी और अपने शाशनकाल के दौरान 1100 करोड़ रुपया इस परियोजना कि बाबत मंजूर किया। पर्यावरण को लेकर कुछ जनहित याचिकाएं इस ब्रिज के निर्माण मे आड़े आईं और इस ब्रिज निर्माण को रोकना पड़ा।न्यायालय द्वारा इन याचिकाओं के निस्तारण के बाद सिग्नेचर ब्रिज के बचे हुए 10 प्रतिशत कार्य को वर्तमान सरकार ने पूरा किया।आज यह दोनों निकृष्ट पार्टियां (भाजपा और आम आदमी पार्टी) दिल्ली की वास्तविक शिल्पकारा श्रीमती शीला दीक्षित और कांग्रेस पार्टी के किए गए उत्कर्ष्ट कार्यों कि वाहवाही लूटने कि होड़ मे लगे हुए हैं।और यह घटना बेहद शर्मनाक है। कि करे कोई और,लेकिन वाहवाही लूटने के लिए सामने आ जाए कोई और ।
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