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मोदी और कोहली को हराना आसान नहीं: जेटली

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली अपने-अपने क्षेत्रों के शानदार खिलाड़ी हैं, जिन्हें शिकस्त देना आसान नहीं है। उन्होंने यह टिप्पणी 2019 के आम चुनाव और भारत के क्रिकेट विश्व कप फिर से जीतने की संभावनाओं पर पूछे सवाल के जवाब में की। एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए जेटली ने कहा, दोनों क्षेत्रों के शानदार खिलाड़ी विराट कोहली और नरेंद्र मोदी हैं और उन्हें पराजित करना आसान नहीं है।

चुनावों पर उन्होंने कहा, विपक्षी दलों का महागठबंधन एक विफल विचार है। क्योंकि कोई भी देश ऐसी पार्टियों के गठबंधन को चुनकर खुदकुशी नहीं करने जाएगा, जिसमें स्थिरता या विचारधारा नहीं है या नेता को लेकर कोई निश्चितता नहीं है। वित्तमंत्री ने कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी पर राफेल लड़ाकू विमान सौदे और फरार शराब कारोबारी विजय माल्या के मामले पर गलत बयानी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि कांग्रेस ने दोनों मुद्दों पर झूठ बोला है। झूठ का जीवन लंबा नहीं होता है और अगर आप गंभीर राजनीति करना चाहते हैं और साख चाहते हैं तो यह अहम है कि आप मुद्दों की गंभीरता को समझें।

यूपीए ने वायुसेना के लिए पर्याप्त काम नहीं किया
जेटली ने कांग्रेस की अगुवाई वाली पिछली यूपीए सरकार पर भारतीय वायु सेना को उसकी जरूरत के लड़ाकू विमान उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त काम नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, यह शर्मनाक है कि वायुसेना ने 2001 में लड़ाकू विमानों की मांग की थी। लेकिन 2014 तक कुछ नहीं हुआ।

राफेल को हमने सस्ता खरीदा
वित्तमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा भाजपा नीत एनडीए सरकार की ओर से किया गया राफेल विमान सौदा पिछले करार से सस्ता है। उन्होंने कहा, सरकार बिना हथियार वाले विमान यूपीए सरकार द्वारा किए गए सौदे की तुलना में नौ प्रतिशत कम दर पर ले रही है। जबकि हथियारो से लैस विमान की कीमत पिछले करार से 20 फीसदी सस्ती है।

जेपीसी में बहुमत हमारा पर देरी होगी
राफेल सौदे की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की कांग्रेस की मांग पर जेटली ने कहा, संसदीय समितियों का पार्टी लाइन पर बंटने का इतिहास रहा है। वहां हमारा बहुमत है। लेकिन इस सबसे उस चीज में और देर होगी जिसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जांच की मांग करने की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती।

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