अमेठी में गुंडों का आतंक : दबंगों ने घर में घुसकर पूरे परिवार पीटा, महिलाओं के कपड़े फाड़े और घर में लगाई आग

लापरवाह पुलिस ने डेढ़ माह से नहीं दर्ज किया पीड़ित का केस, डीएम ने थाना प्रभारी को लगाई फटकार, घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती।

अमेठी। उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार भले ही प्रदेश में गुंडाराज ख़त्म होने का दावा कर रही हो लेकिन यूपी में गुंडाराज चरम सीमा पर है। इसकी एक बानगी अमेठी जिला में देखने को मिली। यहां बेखौफ दबंगों नजमीनी रंजिश को लेकर एक पीड़ित परिवार के घर में घुसकर महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं महिलाओं से दबंगों ने बदसलूकी करते हुए छेड़छाड़ की। फिर भी जब गुंडों का मन नहीं भरा तो उन्होंने पीड़ित के घर को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आगजनी की घटना में महिलाएं आग से झुलस गईं। घटना की सूचना मिलने के काफी देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान पुलिस भी ग्रामीणों के आक्रोश के आगे भयभीत हो गई। मौके पर जिलाधिकारी को बुलाया गया। डीएम ने एम्बुलेंस बुलाकर सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है। डीएम ने थाना प्रभारी को फटकार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, घटना अमेठी जिला के मोहनगंज थाना क्षेत्र की है। यहां जमीनी विवाद को लेकर कमई विराज गांव में एक परिवार का पिछले डेढ़ महीने से गांव के कुछ लोगों से विवाद चल रहा है। पीड़ित परिवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी फिर शिकायत भी की लेकिन पुलिस ने पीड़ित की एफआईआर तक नहीं लिखी।इसका नतीजा ये हुआ कि गुंडों के हौसले बुलंद हो गए और मंगलवार को उन्होंने पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया। इससे पहले पीड़ित परिवार कुछ समझ पाता कि दबंगों ने घर में मौजूद महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को लाठी डंडो से पीटना चालू कर दिया। पिटाई के दौरान लाठी डंडे लगने से तीन महिलाओं सहित कई लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी लेकिन पुलिस मौके पर काफी देर से पहुंची। तब तक गुंडों ने पीड़ित के घर को आग के हवाले कर दिया और मौके से धमकी देते हुए फरार हो गए।

गांव में मामला बढ़ने की सूचना पाकर जिलाधिकारी शकुंतला गौतम मौके पर पहुंची। उन्होंने सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। डीएम ने मोहनगंज थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। आरोप है कि मोहनगंज कोतवाली पुलिस आरोपियों को बचाने में लगी थी। पीड़ित परिवार की एक महिला ने डीएम को आपबीती सुनाते हुए बताया कि गांव गांव में उसके घर में दीवार बनाई जा रही थी। इस दौरान पीड़िता ने कहा कि उसके भाई नहीं है तो दीवार मत बनाओ। इस पर दिवाकर मिश्रा और संजय मिश्रा ने उसको घर से खींचकर पीटा और कपड़े फाड़ दिए। भाभी ने जब विरोध किया तो पवन कुमार और हरिश्चंद्र ने कुल्हाड़ी और लाठी से सबको मारा। मारपीट में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। जिनका इलाज चल रहा है। डीएम की इस घटना पर नजर बनी हुई है। पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश कर रही है।

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