सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण विधेयक लोकसभा में पास

नई दिल्ली। सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का विधेयक मंगलवार को लोकसभा से पारित हो गया। आज बुधवार को अगर राज्यसभा से भी यह संविधान संशोधन पारित हो जाता है तो बिना विलंब आरक्षण का रास्ता साफ हो जाएगा। यानी शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। यह लाभ केवल हिंदू धर्मावलंबी अनारक्षित जातियों के लिए ही नहीं, बल्कि मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदायों को भी मिलेगा।

लोकसभा में विपक्ष सहित लगभग सभी दलों ने ”संविधान (124 वां संशोधन) , 2019 विधेयक का समर्थन किया। साथ ही सरकार ने दावा किया कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा की अग्निपरीक्षा में भी खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिये लाया गया है।

लोकसभा में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी सरकार बनने के बाद ही गरीबों की सरकार होने की बात कही थी और इसे अपने हर कदम से उन्होंने साबित भी किया। उनके जवाब के बाद सदन ने 3 के मुकाबले 323 मतों से विधेयक को पारित कर दिया।

विधेयक के पारित होने पर ट्वीट करते हुएपीएम मोदी ने कहा, ‘124वां संविधान संशोधन बिल, 2019 का लोकसभा से पारित होना देश के इतिहास में मील का पत्थर है। इसे मंजूरी मिलने से समाज के सभी वर्गों को न्याय मिलने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।’

उन्होंने कहा, ‘इस विधेयक का समर्थन करने के लिए भी मैं सभी दलों के सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं। यही नहीं इस विधेयक को लेकर लोकसभा में रचनात्मक चर्चा करने वाले सभी सांसदों की भी मैं प्रशंसा करता हूं।’

मोदी ने कहा, ‘हम सबका साथ सबका विकास के सिद्धांत पर काम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य है कि देश के सभी गरीबों को जाति और संप्रदाय से परे सम्मान से जीवन जीने का हक मिल सके।’

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