अमेज़न ने लाई लाखों के जीवन में बहार

मुंबई- अमेज़न इंडिया ने महाराष्ट्र के भीवंडी में सामुदायिक केंद्र की स्थापना करके अनेक लोगों के लिए अवसरों का निर्माण किया है। भिवंडी के 1,20,000 से अधिक स्‍टूडेंट्स,महिलाओं,युवाओं और स्‍थानीकों की जिंदगियों को संवारा है।अमेज़न केयर्स, अमेज़न इंडिया की सीएसआर की पहल ने 14 नवंबर 2014 को अपना पहला सामुदायिक केंद्र खोला था ताकि महाराष्‍ट्र के भिवंडी जिले में 20 गांवों को सहयोग दिया जा सके। यह अपने परिचालन क्षेत्रों में पारितंत्र के साथ सकारात्‍मक भागीदारी के लिए किये गये प्रयासों के अनुरूप है। सामुदायिक केंद्र की स्‍थापना आइडब्‍लूसीएफ (इंडियन वीमेन एंड चिल्‍ड्रन फाउंडेशन) के साथ भागीदारी में की गई थी। अब इसने चार साल पूरे कर लिये हैं। इसके द्वारा शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य एवं साफ-सफाई, पर्यावरण एवं कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण की पहलों पर फोकस किया जाता है। वर्तमान में इस क्षेत्र में तीन सामुदायिक केंद्र हैं और देशभर में इस तरह के 14 केंद्र हैं। इनका उद्देश्‍य स्‍थायी विकास को हासिल करना है।

अमेज़न इंडिया में कस्‍टमर फुलफिलमेंट की डायरेक्‍टर करुणा पांडे के मुताबिक “अपने लक्ष्‍यों को ध्‍यान में रखकर, हमने पिछले 4 सालों में अकेले भिवंडी क्षेत्र में 1,20,000 से अधिक लोगों के लिए अवसर पेश किए हैं, ताकि वे अपनी क्षमता को पहचान सकें। हमने स्‍थानीय समुदायों की जिंदगी को बदलने में भी सहयोग दिया। हम विविध समुदायों को सफलता दिलाने के लिए अपने संसाधनों एवं इनोवेशन एवं टेक्‍नोलॉजी के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मानना है कि अपने स्‍थायी प्रयासों से हम भारत के विकास में सहयोग कर सकते हैं। सारावली गांव के जिला परिषद स्कूल की प्रधानाध्यापिका कल्पना भोईर का कहना है कि इस केंद्र ने हमारे गांवों में महिलाओं, युवाओं और बच्‍चों के लिए एक स्‍थान निर्मित किया है। जहां वे विभिन्‍न कौशल सीख सकते हैं। कम्‍प्‍यूटर के बारे में अधिक जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं और किताबें पढ़ सकते हैं। पिछले चार वर्ष में स्‍वास्‍थ्‍य एवं साफ-सफाई की बेहतर प्रथायें अपनाने से हमने जिंदगी में काफी सकारात्‍मक बदलाव देखा है।

राष्‍ट्रीय डिजिटल साक्षरता अभियान (एनडीएलएम) के अनुरूप, शिक्षा सहयोग पहल ने डिजिटल साक्षरता के जरिये समुदाय के लिए गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षातक पहुंच सुनिश्चित की है। इससे अभी तक 65,000 सदस्‍यों की जिंदगी सकारात्‍मक रूप से प्रभावित हुई है। इन सेंटर्स द्वारा महिलाओं एवं युवाओं के लिए कम्‍प्‍यूटर कौशल, पठन एवं लेखन वर्कशॉप्‍स और कॅरियर काउंसलिंग सत्रों पर बुनियादी प्रशिक्षण सेशल भी लिए जाते हैं। इससे उन्‍हें नौकरी के बेहतर अवसर प्राप्‍त करने में सफलता मिली है।

सेंटर्स ने 2-6 साल की आयु के बच्‍चों के लिए, अर्ली चाइल्‍डहुड डेवलपमेंट सेंटर स्‍थापित किया है। प्रत्‍येक केंद्र पर एक लाइब्रेरी है जहां सावधानीपूर्वक चुनी गई 1,000 से अधिक पुस्‍तकें हैं। अभी तक 11,500 स्‍टूडेंट्स इन लाइब्रेरीज में आ चुके हैं। सामुदायिक केंद्र द्वारा समर्थित स्‍कूलों में से एक स्‍कूल मेंअमेज़न केयर्स ने मिनी प्‍लेनेटोरियम भी स्‍थापित किया है जोकि 150 स्‍कूलों के बच्‍चों को नाइट स्‍काई और ब्रह्मांड में मौजूद ऑब्‍जेक्‍ट्स के बारे में समझने में मदद करता है। अमेज़न ने एक इनोवेटिव साइंस लैब भी बनाई है जहां स्‍टूडेंट्स को वायु दबाव,जल दबाव, चुंबकीय उर्जा, और गुरुत्‍वाकर्षण जैसे विषयों पर सरल प्रयोगों के जरिये सिखाया जाता है। इसके लिए बेकार और रिसाइकल्‍ड सामानों का प्रयोग किया जाता है। इससे 1,700 स्‍टूडेंट्स को लाभ पहुंचा है।

आजीविका की पहल समाज में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहयोग के लिये बनाई गई सरकारी योजनाओं के बारे में समुदाय को जागरूक करने पर केन्द्रित है। इस प्रोजेक्‍ट ने समुदाय के लगभग 4,000 लाभार्थियों तक पहुंच बनाई है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए, सेंटर्स ने 10,000 महिलाओं को सहयोग दिया है। स्थानीय चिकित्‍सा समुदाय और सरकारी संस्‍थानों के साथ भागीदारी के माध्यम निरोधात्‍मक स्वास्थ्य रक्षा को बढ़ावा देने पर केन्द्रित है। इन सेंटर्स पर शुरु की गई कुछ पहलों में स्‍वच्‍छता एवं घरेलू कचरे के प्रबंधन पर जागरुकता कार्यक्रम, मातृत्‍व देखभाल, मेंस्‍ट्रुअल हाइजीन आदि शामिल हैं। इसके अलावा, सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए नियमित स्‍वास्‍थ्‍य जांच शिविर भी लगाये जाते हैं ।

=>
WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com