ऐशबाग-सीतापुर रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन शुरू, रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने दिखाई हरी झंडी

लखनऊ। आखिरकार लंबे इंतजार की घड़ियां 9 जनवरी 2019 दिन बुधवार को खत्म हो गईं। छोटी से बड़ी हो गई ऐशबाग-सीतापुर रेल लाइन पर आज से ट्रेनें दौड़ने लगी। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने दोपहर एक बजे खैराबाद रेलवे स्टेशन पर पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रूट पर पहली ट्रेन 05063 सीतापुर-लखनऊ जंक्शन स्पेशल खैराबाद से चलकर मोहिबुल्लापुर दोपहर 3:02 बजे होते हुए शाम चार बजे लखनऊ जंक्शन पहुंची। इस रूट पर ट्रेनों के शुरू हो जाने से करीब 50000 यात्रियों को राहत मिलेगी। इनमें छात्र-छात्राओं, दैनिक यात्रियों से मजदूरों की बड़ी संख्या है। एनईआर के सीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि खैराबाद अवध स्टेशन पर होने वाले उद्‌घाटन कार्यक्रम में सांसद राजेश वर्मा व कौशल किशोर भी मौजूद रहे। 88.25 किलोमीटर के इस ट्रैक के आमान परिवर्तन पर रेलवे ने 374 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

133 साल के बाद नए युग का हुआ आगाज
बता दें कि अंग्रेजी हुकूमत में 1886 में ऐशबाग-सीतापुर के बीच मीटरगेज (छोटी लाइन) बिछाई गई थी। इससे लखनऊ और इसके आसपास के कई जिले रेल नेटवर्क से जुड़े थे। जब मीटरगेज की उपयोगिता खत्म होने लगी तो पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से इस रूट के आमान परिवर्तन की योजना बनी और 13 मई 2016 से रेल विकास निगम लिमिटेड (आरबीएनएल) ने ब्रॉडगेज (बड़ी लाइन) का काम शुरू कर दिया। यह काम करीब 32 महीने में पूरा कर लिया गया। पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि ऐशबाग से सीतापुर के बीच 88. 25 किलोमीटर रेल का आमान परिवर्तन 374 करोड रुपए की लागत से हुआ है। सुरक्षा के लिए 41 समपार, 6 सीमित ऊंचाई वाले सब-वे, 8 रोड डायवर्जन व 7 स्टेशनों पर फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं।

लखनऊ से पूरे महीने 355 रुपये में जाइये सीतापुर
लखनऊ से सीतापुर के सफर पर अभी जहां यात्रियों को बस से 100 रुपये खर्च करना पड़ता हैं। वहीं 9 जनवरी यानी बुधवार से सेक्शन शुरू होने के बाद महज 25 रुपये के किराए में वह यात्रा कर सकेंगे, वहीं एक्सप्रेस ट्रेन का किराया 45 रुपये रखा गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ से सीतापुर के बीच 84 किलोमीटर की दूरी के लिए 25 रुपये का टिकट लगेगा। जबकि एमएसटी के लिए 355 रुपये प्रतिमाह खर्च करने होंगे।

गुरुवार 10 जनवरी से लखनऊ जंक्शन-सीतापुर एक्सप्रेस का संचालन
लखनऊ जंक्शन से सीतापुर तक एक्सप्रेस ट्रेन भी 10 जनवरी से शुरू हो जाएगी। जबकि नियमित रूप से तीन पैसेंजर ट्रेनें भी इस रूट पर चलेंगी। रेलवे मुख्यालय ने सोमवार देर शाम तीन जोड़ी पैसेंजर और एक जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेन की समय सारिणी जारी कर दी थी।

ट्रेन 15009/15010 गोरखपुर-गोमतीनगर एक्सप्रेस सुबह 6:15 बजे गोमतीनगर, 6:27 बजे बादशाहनगर होकर 7:55 बजे लखनऊ जंक्शन पहुंचेगी। यहां से ट्रेन 08.09 बजे ऐशबाग, 8:20 बजे लखनऊ सिटी व 9:20 बजे सिधौली होकर 10:15 बजे सीतापुर पहुंचेगी। वापसी में 15010 सीतापुर-गोरखपुर एक्सप्रेस सीतापुर से शाम 7:30 बजे चलकर रात 8:14 बजे सिधौली, 9:30 बजे लखनऊ सिटी, 9:42 बजे ऐशबाग होते हुए रात 10:25 बजे लखनऊ जंक्शन व रात 11 बजे बादशाहनगर होते हुए गोरखपुर जाएगी।

लखनऊ से ये हैं ट्रेनें
55062 पैसेंजर लखनऊ जंक्शन से सुबह 10 बजे चलकर ऐशबाग 10:13, लखनऊ सिटी 10:22 बजे, डालीगंज 10:32 बजे, मोहिबुल्लापुर 10:43, बख्शी का तालाब 11:54 और इटौंजा हाल्ट 11:05 बजे होते हुए सीतापुर दोपहर 12:50 बजे पहुंचेगी।

55066 पैसेंजर लखनऊ जंक्शन से शाम 6:40 बजे चलकर ऐशबाग 6:55, लखनऊ सिटी 7:04, डालीगंज 7:13,मोहिबुल्लापुर 7:24, बख्शी का तालाब 7:35, इटौंजा हाल्ट 7:47 बजे होते हुए सीतापुर रात 9:30 बजे पहुंचेगी।

55064 पैसेंजर दोपहर 12:25 बजे डालीगंज चलकर मोहिबुल्लापुर 12:36,बख्शी का तालाब12:48, इटौंजा 1:01 होते हुए सीतापुर 2:50 बजे पहुंचेगी।

सीतापुर से ये हैं ट्रेनें

ट्रेन 55061 सुबह 6:30 बजे चलकर इटौजा हाल्ट 7:51, बख्शी का तालाब 8:04, मोहिबुल्लापुर 8:15, डालीगंज 8:25 , लखनऊ सिटी 8:42,ऐशबाग 9:05 बजे होते हुए 9:20 बजे लखनऊ जंक्शन आएगी।

55063 पैसेंजर सीतापुर से दोपहर 1:30 चलकर इटौंजा हाल्ट 2:57, बख्शी का तालाब 3:15, मोहिबुल्लापुर 3:32 बजे होते हुए डालीगंज शाम चार बजे आएगी।

55065 पैसेंजर सीतापुर से दोपहर 3:20 बजे चलकर इटौंजा हाल्ट 4:41, बख्शी का तालाब 4:54, मोहिबुल्लापुर 5:05, डालीगंज 6:13, लखनऊ सिटी 5:22,ऐशबाग से 5:33 बजे छूटकर लखनऊ जंक्शन 5:55 बजे आएगी।

नैनीताल एक्सप्रेस को माना जाता था राजधानी एक्सप्रेस
ऐशबाग से पीलीभीत तक जिस मीटरगेज लाइन को बंद कर, अमान परिवर्तन किया जा रहा है, उस रूट पर चार चरणों में केवल पांच साल के अंदर मीटरगेज ट्रेनें दौड़ी थीं। लखनऊ जंक्शन-ऐशबाग-सीतापुर रूट जहां 15 नवंबर 1886 को खुला, वहीं सीतापुर-लखीमपुर रूट पर 15 अप्रैल 1887 को, लखीमपुर-गोला गोकर्णनाथ रूट पर 15 दिसंबर 1887 को और गोला गोकर्णनाथ से पीलीभीत रूट पर ट्रेनें एक अप्रैल 1891 से शुरू हुई थीं। इस रूट पर नैनीताल एक्सप्रेस को राजधानी एक्सप्रेस माना जाता था। वह मीटरगेज की अकेली ट्रेन थी, जिसमें एसी फर्स्ट की बोगी लगती थी। रेलवे ने 13 मई 2016 से इस रूट पर ट्रेनों का संचालन बंद कर अमान परिवर्तन का काम शुरू किया था। रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण व अन्य औपचारिकताओं के बाद बुधवार से रूट पर ट्रेन संचालन शुरू हो जाएगा। अभी नैनीताल एक्सप्रेस का संचालन शुरू नहीं हो सकेगा। तीन जोड़ी पैसेंजर के बाद एक जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें यात्रियों की राह आसान करेंगी। वहीं, सीतापुर होकर अब दिल्ली, पंजाब, जम्मू की ओर भी ट्रेन संचालन का एक विकल्प तैयार हो जाएगा।

डालीगंज रेलवे स्टेशन पर तीन रास्तों से यात्रियों को मिलेगी एंट्री
डालीगंज रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के लिए खास इंतजाम किया गया है। इनमें एक रास्ता लखनऊ विश्वविद्यालय के पीछे होते हुए डालीगंज तक पहुंचने का है।दूसरा शिया कॉलेज के पास से तीसरा रास्ता डालीगंज क्रॉसिंग के पास से खोला गया है। जहां से पटरी के समानांतर प्लेटफार्म तक पहुंचा जा सकता है। इतना ही नहीं इस रास्ते को आगे शिया कॉलेज वाले रास्ते में जोड़ा गया है। जिससे ये कैब-वे सरीखा हो गया है।

मोहिबुल्लापुर रेलवे स्टेशन में क्षमता के साथ बढ़ीं सुविधाएं
मोहिबुल्लापुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे की ओर से दो प्लेटफार्म में हैं। जहां लाइट्स, फुटओवर ब्रिज की मुकम्मल व्यवस्था है। जहां बैठने से लेकर शौचालय, पीने के पानी की व्यवस्था की गई है।

ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट और पथ-वे
ऐशबाग रेलवे जंक्शन पर ट्रेनों का ठहराव बढ़ा दिया गया है। जिससे यात्रियों की संख्या बढ़ी है। रेलवे ने यहां पैसेंजरों को एफओबी के साथ साथ लिफ्ट की सुविधा भी मुहैया कराई है। स्टेशन पर म्यूरल पेंटिंग की गई है साथ ही पथ-वे बनाया गया है। जिससे दिव्यांगों को बुजुर्गों और कुलियों को सामान एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंचाने में आराम हो गया है।

सिटी रेलवे स्टेशन पर ‘ड्रॉप एंड लीव’ जोन
सिटी रेलवे स्टेशन पर रेलवे की ओर से पैसों की सुविधा के लिए ‘ड्रॉप एंड लीव’ जोन बनाया गया है। यहां मुख्य द्वार के पास तक गाड़ियों से पैसेंजर को ड्रॉप कर सीधे दूसरे से बाहर निकाला जा सकता है। इसके अतिरिक्त स्टेशन पर सेकेण्ड एंट्री भी बनाई गई है। यहां पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह है, हालांकि यह अभी अधूरी है। इस स्टेशन पर पैसेंजरों के लिए 2 फुट ओवरब्रिज हैं।

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