विश्व में मीजल्स से होने वाली 30 प्रतिशत बाल मृत्यु केवल भारत में

लखनऊ। आपने देखा होगा कि अधिकांश महिलाएं बार.बार गर्भपात का शिकार हो जाती है। यदि ये बहनें गर्भवती हो भी जाती है तो या तो वे मृत शिशु को जन्म देती है या उनका गर्भस्थ शिशु अविकसित अथवा कुछ न कुछ जन्मजात शारीरिक दोष के साथ जन्म लेता है जैसे दिल में छेद शरीर का कोई भाग न होना या मानसिक रूप से या शारीरिक रूप से बाधित होना।
इस शिशु के साथ माता.पिता का जीवन भी नर्ककिय हो जाता है। जो बच्चा बड़ा होकर माता पिता का सहारा होता वही जन्म से माता.पिता पर आश्रित हो जाता हैं ।

जिसमें से एक बड़ा कारण है रूबेला वायरस का संक्रमण

इसी प्रकार बच्चों को एक और घातक बीमारी अपना शिकार बनाती हैं जिसे मीजल्स या खसरा कहते है। मीजल्स खुद इतना खतरनाक नही जितना कि इसके दुष्परिणाम जैसे अंधापन, मस्तिष्क में सूजन, न्यूमोनिया और डायरिया। पीड़ित बच्चा कुपोष का शिकार हो जाता है। कई बच्चों की मृत्यु तक हो जाती है ।

विश्व में मीजल्स से होने वाली 30 प्रतिशत बाल मृत्यु केवल भारत में

क्या इन दोनों घातक बीमारियों को रोका जा सकता है।
जी हाँ बिल्कुल रोका जा सकता है एमआर वेक्सिन द्वारा।
इस एक ही टीके द्वारा दोनों बीमारियों को रोका जा सकता है ।
इसलिए भारत के 23 से अधिक राज्यों में सफलतापूर्वक 15 करोड़ से अधिक बच्चों को सुरक्षित करने के बाद अब सरकार शीघ्र ही 9 माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क टीका लगवा कर जीवन सुरक्षित करने जा रही है ।

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