मेक इन डिजिटल इंडिया के चक्कर में सरकार को लग सकता है बड़ा झटका

आम जनमानस के लिए ईपास मशीनों की सुविधा बनीं दुविधा
नाराज जनतंत्र ईवीएम से अपनी नाराजगी का जवाब देने का कर रहा ऐलान
पिहानी/हरदोई।
आज सारी दुनिया नेट सर्वर की सुविधा-असुविधा के चक्रव्यूह में फंसकर रह गई है।आधुनिक युग में मेक इन डिजिटल इंडिया की सौगात और देश-प्रदेश में प्रचलित नेट सर्वर पर आधारित कम्प्यूटर मशीनों से जितनी सुविधा उत्पन्न हुई उससे कहीं ज्यादा दुविधा और असुविधा भी उत्पन्न हुई है।
डिजिटल तकनीक सुविधा पूरे भारत देश के कोने-कोने में तकरीबन सभी विभागों जैसे ईवीएम चुनाव प्रणाली,बैंकिंग प्रणाली,स्वास्थ्य विभाग,यात्रा टिकिट प्रणाली,शिकायत प्रणाली इत्यादि के अलावा सरकारी राशन खाद्यान्न वितरण प्रणाली में ईपास मशीनों को लेकर बहुत तेजी से प्रसिद्ध हो चुकी है।खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा जारी राशन कार्ड लाभार्थियों से उचित दर विक्रेताओं के विरुद्ध  सरकारी गल्ले की दुकानों पर वितरित किए जाने वाले सरकारी खाद्यान्न की वितरण प्रणाली में सार्वजनिक तौर पर गलत गतिविधियां अपनाने व अनियमितताएं बरतकर ईमानदारी में कमी के दोष कारित किए जाने की लगातार बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर सरकार ने  कड़ा रुख अपनाया और कार्रवाई की जद में इसमें पारदर्शिता लाकर भृष्टाचार पर अंकुश लगाने  के लिए डिजिटल तकनीक सुविधा चलाई।जिसके लिए सर्वप्रथम शहरी क्षेत्रों के कोटेदारों को ईपास मशीनें उपलब्ध कराईं।सरकारी राशन की बढ़ती  कालाबाजारी की शिकायतों के मद्देनजर जड़ से समस्या  निस्तारण हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनवरी  2019 से इस डिजिटल तकनीक मशीन से राशन वितरण लागू कर दिया।लेकिन हर जगह तकनीकी खामियां और सर्वर डाउन जैसी असुविधा की आ रही तेजी से शिकायतों के चलते कोटेदार और राशन कार्ड धारक व सभी आम जनमानस चंद दिनों में ही इतना अधिक हैरान और परेशान हो गए हैं कि हाय तौबा मच गई है।अगर सरकार ने इन ई-पास मशीनों से कोटेदार व आम जनमानस को हो रही पीड़ा और असुविधा का संज्ञान लेकर जल्द ही राहत न दी तो लोकतंत्र में नाराज नागरिकों का नाराजगी सरकार को बड़ा झटका दे सकती है।क्यूंकि घंटों तलक एक कार्ड धारक अंगूठे के निशान ईपास मशीनों में पास कराने के चक्कर में अपने 2-3 यूनिट व्यक्तियों को लेकर लाइन में लगकर सरकारी सुविधा पर उग्र प्रदर्शन करते तब देखने में आता है जब 4-4 घंटे की लाइन में लगे हुए उसका नम्बर आ जाए और उसके घर में कोई बीमार या विशेष काम हो और उस समय ईपास सर्वर फेल हो जाता है तब सरकार और सरकारी तंत्र पर उसके मुख से निकलते मंत्र इतने मोहक होते हैं कि दिलों की भड़ास जवान से जवाब उगलने लगती है तब हम उसी समय कवरेज में होते हैं।जिसके विपरीत असर ऐसा लगता है परेशान नागरिकों का ऐसा रवैया ईवीएम में अपने गुस्से को कैद कर सरकार को बड़ा झटका दे सकता है।
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