पीले झंडों से पट गया इटौंजा क्षेत्र,सरहद पर आ पहुँचा जनस्वास्थ्य रक्षकों का निवेदन मार्च

लखनऊ। बहाली शासनादेश की माँग लेकर सुदूर हापुड़ से रोजाना तीस.पैतीस किलोमीटर पैदल चलते हुए हजारों जनस्वास्थ्य रक्षक पुरुषों.महिलाओं का कारवां शुक्रवार शाम ढलते लखनऊ की सरहद में दाखिल हो गया। जनस्वास्थ्य रक्षकों के पीले झंडों से पूरा इटौंजा क्षेत्र पटा हुआ नज़र आने लगा है । जनस्वास्थ्य रक्षकों के नेता मनोज कुमार ने बताया कि अब तक लखनऊ की जनता ने कम्युनिस्टों के लाल झंडे वाले ऐसे आंदोलन देखे होंगे या फिर किसान यूनियन के हरे झंडे.पट्टे वाली रैलियां देखी होगी लेकिन अब जनस्वास्थ्य रक्षकों की न्यायोचित माँगों को अनसुना करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों तक यह पीले झंडे की क्रांति अपना निवेदन सुनाने लखनऊ पहुंच रही है।

लंबे काफिले के कारण लखनऊ.दिल्ली राजमार्ग पूरी तरह बाधित

मनोज ने कहा कि इस पीली संक्रांति की आँच योगी सरकार के मंत्रियों तक पहुंच रही है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री योगी करोड़ों ग्रामीणों की सेहत से जुड़े जनस्वास्थ्य रक्षकों के इस अहिंसक सत्याग्रह पर कब तक अनुकूल फैसला लेते हैं। इटौंजा जैसे कस्बे में हजारों जनस्वास्थ्य रक्षकों के पहुंचने पर स्थानीय जनता में गहरी उत्सुकता देखी जा रही है। मोटरसाइकिलों प्रचार वाहनों के साथ साइकिल सवार और पैदल चलते हजारों जनस्वास्थ्य रक्षकों के इस सैकड़ों मीटर लंबे काफिले के कारण लखनऊ.दिल्ली राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया।

इंडिया कम्युनिटी हेल्थ वर्कर एसोसिएशन के परचम तले चल रहे इस निवेदन मार्च

देर रात तक यह काफिला इटौंजा क्षेत्र में जमा होता देखा गया। काफिले में शामिल प्रदेश सचिव चरणसिंह यादव ने जानकारी दी कि अॉल इंडिया कम्युनिटी हेल्थ वर्कर एसोसिएशन के परचम तले चल रहे इस निवेदन मार्च में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के पदाधिकारी और जनस्वास्थ्य रक्षक हजारों की संख्या में एकत्रित होकर रविवार को राजधानी लखनऊ में प्रवेश करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष धनीराम सैनी ने कहा कि बरसों से अपनी बहाली की लड़ाई सड़कों से लेकर न्यायालय तक लड़ने वाले जनस्वास्थ्य रक्षकों के पास न राजधानी के आलीशान गेस्ट हाउसों में ठहरने का पैसा है न ही लखनऊ में इतनी बड़ी कोई धर्मशाला हैए जहां ये हजारों जनस्वास्थ्य रक्षक रात बिता सकेंए इसलिए लखनऊ पहुँचकर राजधानी की सड़कों पर ही डेरा जमाया जायेगा जब तक प्रदेश सरकार टालमटोल की नीति छोड़कर जनस्वास्थ्य रक्षकों की बहाली की घोषणा नहीं कर देती।

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