तमिलनाडु में प्रधानमंत्री के दौरे के बाद राजनैतिक माहौल गर्म : डीएमके के अनुसार मोदी अटल जी नहीं

डॉक्टर आर. बी. चौधरी
चेन्नई (तमिलनाडु)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु के दौरे के बाद राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है.राजनीतिक पार्टियों की बयानबाजी आरंभ हो गई. राज्य की सबसे महत्वपूर्ण पार्टी डीएमके एवं एआईडीएमके के साथ- साथ बयान आए हैं. लोकसभा चुनाव को लेकर के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं एआईडीएमके पलनी स्वामी ने कहा है कि वह उस पार्टी का साथ देंगे जो तमिलनाडु की भलाई का काम करेगा. पार्टी कार्यकर्ताओं की एक मीटिंग को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट किया कि स्वर्गीय एम.जी. रामचंद्रन और स्वर्गीय जे. जयललिता के जन कल्याणकारी सिद्धांतों फलीभूत करने के लिए जनता के बीच में पहुंचने में जो उन्हें मदद करेगा, वह उसका साथ देंगे.

पलनीस्वामी ने डीएमके के अध्यक्ष एम. के. स्टालिन के ऊपर स्थानीय चुनाव के मामले को लेकर कटाक्ष करते हुए कहां कि डीएमके तो जनता के अधिकारों का हनन करने में कोई परहेज नहीं करती. उन्होंने कहा कि डीएमके द्वारा अन्य दूसरे पार्टियों को आमंत्रित किया जा रहा है किंतु अपने स्वयं परिवारवाद के मोह में फसे हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तमिलनाडु दौरे के दौरान यह कहा था कि पुराने साथियों के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए का दरवाजा खुला है, अगर कोई चाहे तो जिस प्रकार से अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में गठबंधन किया गया था, आज भी स्वागत है. प्रधानमंत्री के इस न्योते पर टिप्पणी करते हुए यम. के. स्टालिन ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ कभी भी उनकी पार्टी का गठबंधन नहीं हो सकता . स्टालिन ने यह भी कहा कि मोदी जी कोई वाजपेई जी नहीं है. पिछले साढे 4 सालों से सिर्फ बात ही कर रहे हैं . अभी तक गरीबों के लिए कोई धरातल का काम नहीं किया है. तमिलनाडु के पूर्वमुख्य मंत्री स्वर्गीय एम. करुणानिधि को अक्सर एक गलत पार्टी में सही आदमी बताते रहे हैं.

इस मामले में तमिलनाडु बीजेपी की अध्यक्षा, तमिलीसई सुंदरराजन से तमिलनाडु में बीजेपी के भावी रणनीति की बात पूछी गई तो उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के आमंत्रण का मतलब डीएमके के लिए नहीं था क्योंकि वह तो पहले ही से कांग्रेस के साथ हैं. उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि मोदी जी का न्योता डीएमडीके,पीएमके तथा अन्य छोटी- बड़ी पार्टियों के तरफ था. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और एआईडीएमके के गठबंधन को अस्वीकार नहीं किया जा सकता. बस सिर्फ औपचारिक घोषणाएं बाकी है.वैसे तमिलनाडु मुख्यमंत्री पलनीस्वामी समय-समय पर मोदी सरकार की प्रशंसा कर अपने दोस्ती का इजहार करते रहते हैं जिसमें 5 लाख करोड़ के केंद्रीय स्कीम ने एआईडीएमके के संबंधों को और प्रगाढ़ बना दिया है.

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