जानेकछुआ तस्कर के पीछे कौन पुलिस की गिरफ्त से क्यों दूर है सरगना

सुल्तानपुर- यू पी के सुल्तानपुर जनपद में लगातार कछुओं की तस्करी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है जी आर पी पुलिस की सक्रियता के चलते सप्ताह भर के अंदर लगभग तीन सौ बेजुबान कछुओं को कछुआ तस्करों से पकड़ कर मुक्त कराया गया लगातार हो रहे कछुओं की तस्करी से जनपद में एक सन सनी फैल गई है सवाल यह उठता है कि इन कछुआ तस्करों के पीछे आखिर कौन है कौन है वह तस्कर गिरोह का सरगना जिसके गिरेबान पर पुलिस हाथ नही डाल पा रही है बहरहाल जी आर पी पुलिस पकड़े गए अभियुक्त से सरगना का नाम भी उगलवाने में नाकाम दिख रही है कहा कैसे कौन है इस तस्करी के पीछे इसकी जवाब देही आखिर कार खाकी को देना ही पड़ेगा यह तो सिर्फ एक सप्ताह में पकड़ा गये कछुओं की तस्करी की तस्बीर एक बानगी भर है अगर जी आर पी में इस मामले को खंगाला जाये तो वर्ष 2018 में सैकड़ो नही हजारो की संख्या में कछुआ पकड़े गए होंगे व् दर्जन भर से ज्यादा कछुआ तस्कर पकड़े गए होंगे सवाल यह नही है कि पुलिस सिर्फ कछुआ वतस्करो को पकड़ कर जेल भेज देती है सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी कछुआ की तस्करी कहा और कौन कर रहा है कि पुलिस उस तक नही पहुँच पा रही है ।
क्या है मामला—-
जनपद के रेलवे स्टेशन से बीते 13 तारीख दिन रविवार को जी आर पी पुलिस ने कलकत्ता जा रही एक्सप्रेस ट्रेन से मुखबिर् की सूचना पर तीन बैग एक बोरे में मौजूद कछुए के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया पुलिस की गिरफ्त में आये व्यक्ति से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ शुरू किया तो उसने बताया कि उसका नाम  सूरज कंजड़ है वह जनपद अमेठी के गांधी नगर का रहने वाला है बहरहाल जी आर पी पुलिस ने तीन बैग व् एक बोरे को जो पकड़ा था उसमें से 162 कछुआ बरामद हुए जिसको मौके पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी अमर जीत मिश्रा को जी आर पी पुलिस ने सुपुर्द कर दिया बीते शुक्रवार को भी जी आर पी पुलिस ने तीन बैग व् एक बोरे को बरामद किया था जिसमे 159 कछुआ मिले थे ।
कछुआ तस्कर पर सुनिये क्या बोले रेंजर—–

https://youtu.be/ew9d_Dnj4OU

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