सात हजार सफाई कर्मी शहर को स्वच्छ रखने की निभाएं जिम्मेदारी : सुभाष शर्मा

कानपुर। कानपुर महानगर का क्षेत्र काफी बड़ा है और इसकी सफाई के लिए नगर निगम से सात हजार सफाई कर्मी तैनात हैं। शहर को सफाई रखने की जिम्मेदारी सिर्फ नगर आयुक्त की नहीं है। जब तक सभी सफाई कर्मी शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे तब तक स्वच्छ शहर की कल्पना नहीं की जा सकती। ऐसे में सभी सफाई कर्मी शहर को स्वच्छ रखने के लिए जिम्मेदारी से काम करें। इसके अलावा अगर जरूरत पड़े तो कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाये। यह बातें सोमवार को मंडलायुक्त सुभाष चन्द्र शर्मा शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर कही।
मण्डलायुक्त सुभाष चन्द शर्मा ने अपने शिविर कार्यालय के सभागार में सोमवार को नगर निगम के समस्त कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के अर्न्तगत आने वाले समस्त कार्य जैसे साफ सफाई अन्ना पशुओं को पकड़ना अतिक्रमण हटाना कचरा हटना स्ट्रीट लाइटों सड़कों के गड्ढे भरना तथा समस्त प्रकार के करों की वसूली के लिये अपर आयुक्त एडीएम की भूमिका में एवं जोनल अधिकारी एसडीएम की भूमिका में कार्य करेंगे। उन्होंने नगर निगम के उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कानपुर नगर निगम में लगभग सात हजार कर्मी हैं। सभी मिलकर नगर को सुन्दर व स्वच्छ बना सकते हैं। मात्र एक व्यक्ति नगर आयुक्त कराये जा रहे समस्त कार्यों को नहीं देख सकता है। सभी प्रकार के कर्मियों को वेतन मानदेय आदि खाते के माध्यम से दिया जाये और आधार से लिंक किया जाये। आउटसोर्स/संविदा के आधार पर तैनात समस्त कर्मियों के कार्यों के अनुश्रवण हेतु ठोस व मुकम्मल रूपरेखा बनाई जाये। सभी प्रकार के कर्मी मौके से सेल्फी लेकर ग्रुप में पोस्ट करेंगे। जलकल के जोन चार के अधिशाषी अभियन्ता राजीव भटनागर की कार्य प्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सीधे चार्जशीट करने का निर्देश दिया।

मुख्य अभियंता को लगायी फटकार
नगर निगम द्वारा कराये जाने वाले समस्त कार्यों में लगातार शिथिलता बरतने पर मण्डलायुक्त ने नगर निगम के मुख्य अभियन्ता व उनके अधीनस्थों को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि निविदा प्रक्रिया के मकड़जाल से निकले और जेम पोर्टल से कई प्रकार की खरीदारी तत्काल कराकर कई कार्य किये जा सकते हैं। करीब सात हजार वेन्डर जेम पोर्टल में पंजीकृत हैं। बैठकों में तैयार होकर मुख्य अभियन्ताॉ नगर निगम तैयारी के साथ आयें एवं अपने से सम्बन्धित विषय को स्वयं प्रस्तुत करें। इसके साथ स्मार्ट सिटी के कई कार्य जिन्हें कन्वर्जन की धनराशि से कराया जाना था, अभी तक शुरू न होने पर मण्डलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होनें स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि नहीं सुधरे तो साइबर सेल के माध्यम से अधिकारियों व कर्मियों का फीडबैक लेकर कठोर कार्यवाही करने से नहीं चूकेंगे।

बकायेदारों की सूची करें प्रकाशित
नगर निगम की वसूली को बढ़ाने के लिये मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि सभी जोन में 10-10 बड़े बकायेदारों की सूची प्रकाशित की जाये। जेड स्कवायर माल की 8.75 करोड़ की वसूली पर वर्ष 2014 से स्टे लेने के कारण एक भी धनराशि वसूल नहीं हुई। स्टे वैकेट कराने के लिये लचर प्रयासों पर मण्डलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यथाशीघ्र सभी वैधानिक प्रकरणों पर जिम्मेदारी तय करते हुए प्रबल पैरवी करते हुए स्टे आदेश वैकेट कराया जाये। विज्ञापन पटल से आठ करोड़ के सापेक्ष मात्र दो करोड़ रूपए की वसूली पर मण्डलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि ऐसे समस्त कार्यों को सम्पन्न करने वाले लिपिक निरीक्षक एवं अधिकारी की मिलीभगत से सीधे निगम की आय में इजाफा नहीं हो पा रहा है। जबकि समतुल्य शहरों में प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ रूपए की विज्ञापन से आय होती है।

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