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सीएम के गृह जिले के युवक ने लखनऊ की लड़की से कहा -हमारे यहाँ दहेज अपराध, कल शादी

नीतीश कुमार के सोच से प्रभावित है ई . अभिषेक , दूसरे को भी दहेज मुक्त शादी करने के लिए करता है अपील

पटना : दहेज लेना और देना दोनों कानूनन जुर्म है यह केवल कहने सुनने वाली बात है। दहेज प्रथा पर प्रवचन केवल मंच पर ही सुनने को मिलता है। इसकी ज़मीनी सच्चाई कुछ और ही है। आज के दौर में लोग बेटियों से ज्यादा बेटों की चाहत रखते हैं जिसका एक मुख्य कारण दहेज है। यदि समाज से दहेज प्रथा खत्म हो जाए तो लोग बेटे बेटियों में भेदभाव करना छोड़ देंगे। समाज से इसी गलत अवधारणा को दूर करने का प्रयास वैश्य समाज के लिए एक मिसाल प्रस्तुत करने जा रहे सूबे के मुखिया नीतीश कुमार के गृह जिले नालन्दा के एकंगरसराय प्रखण्ड में तैनात सिचाई विभाग के सहायक अभियंता ईश्वर चंद्र गुप्ता ने अपने ई0 पुत्र के विवाहोत्सव पर एक मिसाल कायम कर रहे है। दहेज रूपी समाजिक कुप्रथा से समाज त्रस्त है लेकिन उनके एकलौते पुत्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चंद्र के शादी में सगुन के तौर पर मात्र 11 रुपये लेकर विवाह करने जा रहे है जो उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

यूं तो वैश्य समाज मे खास कर नौकरी पेशे वाले दूल्हे की कीमत तीस से चालीस लाख की डिमांड रहती है जिसे लड़की पक्ष वाले दहेज प्रथा से पीड़ित व कुंठित रहते है।
समाजसेवी लोग समय समय पर मंचों से दहेज प्रथा को समाप्त करने की बात करते आ रहे हैं। किन्तु दहेज प्रथा बंद होने का नाम ही नहीं ले रही है। वही इंजीनियर ईश्वर चंद्र भी उन समाजसेवियों में से एक है। उन्होंने अपने पुत्र ई0 अभिषेक की शादी उत्तर प्रदेश के राजधानी जिले के इंद्रानगर निवासी अश्विनी कुमार गुप्ता के पुत्री ई0 शिखा से ठीक की है और हाल ही में छेका रस्म भी संपन्न हुई इस शादी में सगुन एवं लग्न  में महज ग्यारह रुपये लेगे।

अभिषेक की शादी ई0 शिखा से आगामी 29 जनवरी दिन मंगलवार को पटना में होगी। अभिषेक की पढ़ाई देवघर (झारखण्ड) सीबीएस से दशम पास कर बनारस से प्लस टू की पढ़ाई के बाद बी. टेक0 जालन्धर शहर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग  करने के उपरांत मुम्बई में डेटा मैटिक ग्लोबल इंडिया कंपनी लिमटेड में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत है तो वही ई0 शिखा मुम्बई के ही टीसीएस कम्पनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्य कर रही है।
ऐसे कार्य से आज के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए है. उन्होंने लोगों से इस दहेज की कुप्रथा का अंत करने पर बल दिया। इस अवसर पर ई0 अभिषेक – ई0 शिखा को आशीर्वाद देने कई प्रबुद्धजन शामिल होंगे ।

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