डिलिवरी के बाद इन लिए जरूरी है मां की मालिश

डिलिवरी के बाद पारंपरिक रूप से महिलाओं की रोजाना मालिश की जाती है। देखने में आता है कि डिलिवरी के बाद ज्यादातर महिलाओं का वजन बढ़ने लगता है और अंगों में ढीलापन आने लगता है। पुराने लोग मानते थे कि मालिश से महिला का शरीर सुगठित होता है और पुनः आकार में आ जाता है। आजकल की वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति में भी मालिश के कई फायदे बताए गए हैं। महिलाओं के लिए डिलिवरी के बाद की मालिश जरूरी होती है।

मालिश से मां को मिलते हैं ये फायदे

मालिश से मांसपेशियों में ब्लड और ऑक्सीजन का सर्कुलेशन बढ़ जाता है। इसलिए किडनी अच्छी तरह काम करती है और शरीर से सभी नुक्सानदायक विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।

मालिश से शरीर जल्दी ऑक्सिटोसिन रिलीज करता है जिसकी वजह से मां के शरीर में दूध अच्छे से बनता है। ब्रेस्ट की मालिश हल्के हाथों से करनी चाहिए और इसमें विशेष सावधानी जरूरी है क्योंकि ज्यादा कठोरता से मालिश करने पर नुक्सान भी हो सकता है।

मालिश से ढीली पड़ी त्वचा में धीरे-धीरे कसावट आने लगती है और शरीर पहले के आकार में वापस आने लगता है।

अगर आपकी डिलिवरी ऑपरेशन से होती है तो तुरंत मालिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि ऑपरेशन का टांका टूट सकता है। इसलिए ऐसे केस में टांके का घाव भर जाने के बाद ही मालिश करें और टांके वाली जगह पर बिल्कुल हल्के हाथ से मालिश करें।

अगर आप तिल और अरंडी के तेल से मालिश करते हैं तो इससे आपको विशेष लाभ मिलेगा। तिल के तेल से स्किन में कसावट आती है और अरंडी का तेल त्वचा को कोमल बनाता है।

खुशबू वाले तेल से मालिश करने पर शरीर और मन दोनों को शांति मिलती है।

डिलिवरी के बाद अक्सर महिलाओं की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। मालिश से इन कमजोर मांसपेशियों को ताकत मिलती है और स्वास्थ्य जल्दी सामान्य होता है।

कई बार डिलिवरी के बाद शरीर के कुछ हिस्सों में दर्द होता रहता है। मालिश से शरीर के इस दर्द में आराम मिलता है।

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