महाराष्ट्र में भी व्यापम जैसा घोटाला – कांग्रेस

मुंबई। एक चौंकाने वाले खुलासे में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) परीक्षा में ‘सामूहिक नकल’ को प्रोत्साहित किया जा रहा है और ‘व्यापम’ से भी बड़ा घोटाला मौजूदा सरकार कर रही है।

महाराष्ट्र राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष सत्यजीत तांबे का आरोप है कि एमपीएससी की परीक्षा देनेवाले उम्मीदवारों को परीक्षा फॉर्म जमा करने के लिए एक मोबाइल नंबर पंजीकृत करना होता है। वर्ष 2017-18 से, सीट नंबर आवेदक के मोबाइल नंबर के अंतिम अंक के आधार पर आवंटित किया जा रहा है। हालांकि, यह पता चला है कि कई उम्मीदवारों ने अपने अंतिम सीरियल नंबर को उनके द्वारा परचित उम्मीदवारों के नंबरों से अपने मोबाइल नंबर को अपडेट किया है। इस गलत तरीके का उपयोग कर उम्मीदवारों को आवंटित सीट संख्या परचित उम्मीदवारों के बगल में की जा सकती है और परीक्षा में ‘सामूहिक नकल’ को प्रोत्साहित दिया जा रहा है।

तांबे की मानें तो पिछली महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं उसी तरीके से आयोजित की गई हैं, जिसमें कुछ उम्मीदवारों के पक्ष में सीट संख्या आवंटित करने की दोषपूर्ण विधि और निष्पक्ष नतीजों के सिद्धांत से समझौता किया जा रहा है। आयोग ने एक तरीका विकसित किया है, जो उम्मीदवारों के लिए आसानी से समझ में आता है। इसमें सरकार की प्रत्यक्ष भागीदारी की संभावना है। तांबे ने सवाल उठाया है कि यह किसके इशारे पर और किसके लिए इस तरह का घोटाला किया जा रहा है? तांबे ने इन आपत्तियों पर सरकार से तत्काल स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की है।

तांबे के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र के आदिवासी व पिछड़े समाज के मेहनती और अध्ययनशील छात्रों को सरकार की दोषपूर्ण प्रक्रिया के माध्यम से प्रतियोगिता से बाहर कर दिया जा रहा है। तांबे ने मांग की है सरकार को उचित कार्रवाई करनी चाहिए और नई सीट संख्या देनी चाहिए और आगामी परीक्षा को रद्द कर देनी चाहिए। तांबे ने चेताया है कि अगर फडणवीस सरकार तत्काल ठोस कदम नहीं उठाती है, तो हम इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

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