जाने जहरीली शराब बनाने के पीछे कौन?

सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर रुड़की में जहरीली शराब से 2 दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई तो पुलिस महकमा आबकारी महकमा भी सकते में आ गया ताबड़तोड़ छापों में कई लिटर अवैध शराब बनाने के उपकरण के साथ लोगों को जेल भेजने की कार्यवाही की जा रही है ताज्जुब या है कि जब जहरीली शराब से जब लोगो की मौत होती है तो आबकारी महकमा और पुलिस महकमे के साथ सूबे की सरकार का भी फरमान जारी  हो जाता है जनपद का यह पहला कोई वाक्या नहीं है इससे पहले भी मलिहाबाद में जहरीली शराब से दर्जनों लोगों की मौत हुई थी तब भी आबकारी महकमा और पुलिस महकमा ताबड़तोड़ छापेमारी कर लोगों केअवैध शराब  अड्डो पर छापेमारी कर बनाने वाले उपकरणों को नष्ट किया था लेकिन जब   लोगोकी मौत की आग धीरे धीरे ठंडी हुई तो सरकारी महकमा भी ठंडा हो गया और अवैध कारोबारी अपने अवैध कामों को अंजाम देने लगे जनपद सुल्तानपुर के कुड़वार थाना क्षेत्र के बंधुआ     में कुछ माह पहले ऐसे ही अवैध शराब बनाने का जखीरा बरामद हुआ था जिसमें बताया जाता है इस जखीरा का जो संचालक था वह कई वर्षों से जनपद सुलतानपुर सहित अन्य जिलों में भी शराब सप्लाई करता था इस बात से इनकार नही किया जा सकता  कि आबकारी महकमा और पुलिस महकमे को इस अवैध शराब कारखाने की खबर नहीं थी, खबर थी उन साहब जादो को जिनको सूबे की सरकार ने  जिम्मेदारी सौपी है, लेकिन जब बात कुछ और हो तो  खबर भी ना खबर में बदल जाती है इन दिनों सहारनपुर रुड़की में हुई जहरीली शराब के बाद जनपद सुल्तानपुर में भी लगातार पुलिस महकमा और आबकारी महकमा छापेमारी कर रही है इसी दौरान लखनऊ एसटीएफ को पता लगा कि सुल्तानपुर में एक  शराब माफिया एक ढाबे पर नकली शराब बनाने का उपकरण के साथ सप्लाई  करता है ,जनपद सुलतानपुर पहुंची एस टी एफ टीम ने लम्भुआ पुलिस के साथ मिलकर जनपद के भदैया के निकट एक ढावे पर  छापेमारी की जिसमें 6 लोगों को गिरफ्तार किया , गिरफ्तार किए गए लोगों में बताया जाता है कि एक व्यक्ति शराब का बड़ा व्यवसाई है जिसका जनपद सुल्तानपुर के साथ अन्य जिलों में भी उसके कई  सरकारी शराब के ठेके हैं जिसका नाता आबकारी महकमे सेआज से नही आदि से चलता चला आ रहा है ऐसे शराब माफिया के पकड़े जाने से इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि आबकारी महकमा का  गठजोड़ उस शराब व्यवसाई से नही था  सुल्तानपुर में सोमवार को लखनऊ एसटीएफ को पता लगा कि भदैया बलाक के एक ढाबे पर नकली शराब बनाने की  स्प्रिट मंगाई गई है सूचना पर   जब एसटीएफ ने लंभुआ पुलिस के साथ वहां पर छापेमारी किया तो कई ड्रम में जहरीली शराब बनाने की स्पिरिट बरामद होने के साथ उपकरण भी बरामद हुए जिसमें एसटीएफ पुलिस की संयुक्त टीम ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है लेकिन गिरफ्तार किए गए 6 लोगों को पुलिस ने आनन-फानन में जेल भेज दिया जिससे पुलिस की खाकी वर्दी पर भी सवालिया प्रश्नचिन्ह उठ रहा है आखिर ऐसा कौन सा कारण था कि पुलिस ने पकड़े गए छह आरोपियों को तत्काल जेल की सलाखों के पीछे भेजने का काम कर दिया आखिर वह कौन सा व्यक्ति था जिसके कारण पुलिस ने उन 6 लोगों को जेल भेज दिया बताया जाता है कि ढाबे के पीछे अवैध शराब का बहुत बड़ा कारोबार चलाया जाता था जिसमें पुलिस ने एक टैंकर एक स्कॉर्पियो सहित शराब बनाने के उपकरण को बरामद किया है बताया यह भी जाता है कि इस स्प्रिट के सहारे शराब बनाकर के टैंकर में भरकर अन्य जगहों पर भेज कर उसकी पेकिंग की जाती थी जो जनपद नहीं अगल-बगल के जनपदों के सरकारी ठेकों में उस शराब को सप्लाई कर कई गुना धन कमाया जाता था जनपद में दो बड़े अवैध शराब के अड्डो  का खुलासा होने के बाद आबकारी महकमें  पर एक प्रश्न चिन्ह बन कर खड़ा हो चुका है क्योंकि सोमवार को पकड़े गए छह लोगों में वह व्यक्ति है जो जनपद सुल्तानपुर में ही नहीं अगल-बगल के जनपदों में भी उसका  सरकारी ठेका है इसके पहले कुड़वार थाना के बंधुआ कला के पास एक  शराब अड्डे का बहुत बड़ा जखीरा स्थानीय पुलिस ने बरामद किया था जिसमें करोड़ों रुपए की नकली शराब बरामद हुए थे जिस से  जाहिर होता है किइन अवैध शराब कारोबारियों के पीछे सरकारी महकमे के उन जिम्मेदार अधिकारियों का हस्तप्रभ था  जिसके चलते इनका धंधा आज से नहीं आदि से फलता फूलता हुआ चला आ रहा था

बहरहाल इस मामले पर संबंधित विभाग के अधिकारी बोलने से कतरा रहे हैं लेकिन सवाल तो बनता ही है सवाल यह बनता है कि जिस संबंधित विभाग को सरकार ने जिम्मेदारी सौंपी है जिसमें हर सर्किल के इस्पेक्टर के साथ पुलिस की भी तैनाती  है लेकिन इसके  बावजूद  लगातार अवैध शराब के अड्डो का खुलासा होने के बाद यह जाहिर हो चुका है कि सम्बंधित बिभाग पूरी तरह से निष्क्रिय हो   चुका है देखना तो यह है कि लगातार जनपद सुलतानपुर में अवैध शराब बनाने के खुलासा होने के बाद सरकार विभाग के अधिकारियों पर क्या कार्यवाही करती है।
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