मृतक के खाते से जालसाजी कर निकाल लिए 11 लाख रूपये 

  • परिजनों ने बैंक मैनेजर सहित कर्मचारियों पर लगाया आरोप 
मोहनलालगंज,लखनऊ। मोहनलालगंज क्षेत्र के गनेशखेड़ा के एक मृतक किसान की मौत के 19 महीने बाद उसके खाते से पांच महीनों में 11 लाख 18 हजार रुपए की रकम बैंककर्मियों की मिलीभगत से निकल गये।   बैंक अधिकारी मृतक किसान के बेटे को सालो प्रपत्रो का हवाला देकर बैंक के चक्कर कटवाते रहे। मामले की सच्चाई का पता चलने पर मृतक किसान के बेटे ने एक माह पहले मोहनलालगंज पुलिस से मामले की लिखित शिकायत करते हुये बैंक मैनेजर सहित कर्मचारियों के विरूद्व कार्यवाही की मांग की लेकिन पुलिस ने मामले में जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्यवाही करने की बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
मोहनलालगंज के गनेशखेड़ा निवासी रामू ने बताया उसके पिता कन्धई लाल पेशे से किसान थे और गांव में एक जमीन बेची थी जिसका 10 लाख 80 हजार रुपए पिता ने मोहनलालगंज कस्बे में स्थित बैंक आफ इन्डिया  शाखा में अपने खाते में जमा किये थे। जिसके बाद गम्भीर बीमारी की चपेट में आकार 8 नवम्बर 2014 को पिता कन्धई लाल की मौत हो गयी थी। पिता की मौत के दूसरे दिन बैंक आफ इन्डिया पहुंचकर मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर मां के साथ बैंक पहुंचकर देते हुये पिता के खाते का पैसा देने की बात कही लेकिन रकम बड़ी होने की बात कहकर बैंक मैनेजर ने कोर्ट से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र लाने के बाद ही खाते का पैसा देने की बात कही। जिसके बाद कोर्ट से उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र मिलने के बाद 10अगस्त 2018को बैंक पहुंचकर उन्हे कोर्ट से जारी उत्ताधिकार प्रमाण पत्र देते हुये पिता के खाते में जमा रकम देने की बात कही तो बैंक मैनेजर सहित कर्मचारी 4 महीने दौड़ते रहे शक होने पर 8 जनवरी2019 को मैनेजर से मिलकर पिता के खाते में जमा पैसा देने की बात कही तो उन्होंने 8जुलाई 2017 से लेकर 7 नवम्बर 2017के बीच पिता के खाते से 11लाख 18 हजार रुपए की रकम पिता द्वारा निकाले जाने की बातकहकर पैसे देने से मना कर दिया। जिसके बाद पीड़ित ने मोहनलालगंज कोतवाली पहुंचकर 10 जनवरी को मामले की लिखित शिकायत करते हुये पीड़ित पिता के खाते से पैसे गायब करने वाले बैक मैनेजर सहित कर्मचारियों के विरूद्व मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की मांग की लेकिन पुलिस ने जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने की बात कहकर पीड़ित को चलता कर दिया।
जानने वाले के खाते में ट्रास्फर किये पैसे 
पीड़ित रामू का आरोप है पिता की मौत के दूसरे दिन बैंक पहुँचकर बैंक मैनेजर व कर्मचारियों को पिता कन्धईलाल की मौत की सूचना दी थी लेकिन मौत के 19 महीने बाद 11लाख 18 हजार रुपए की भारी भरकम रकम मृतक पिता खाते से पार करने वाले ने खाते से निकाली गयी रकम का कुछ हिस्सा बैंक के बगल ही फोटो
स्टेट चलाने वाले दुकानदार के भाई के खाते में ट्रास्फर की है जिससे प्रतीत होता है  बैंक कर्मचारियों ने फर्जी दस्तावेजो के सहारे पिता के खाते से बड़ी रकम पार कर दी। सबूत होने के बाद भी पुलिस भी कार्यवाही की बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
बैक मैनेजर ने खुद को फंसता देख बचाव में जारी किया लेटर 
पीड़ित द्वारा पुलिस से शिकायत करने की भनक बैंक आफ इन्डिया की  बैंक मैनेजर को लगी तो उन्होंने 8 जनवरी 2019को मोहनलालगंज कोतवाली प्रभारी को बैंक के लेटर हेड पर शिकायत करते हुये मृतक किसान कन्धईलाल द्वारा दस्तावेज दिखाने के बाद ही पैसे निकालने का हवाला देते हुये खुद व बैंक कर्मचारियों को बचाने में जुट गयी लेकिन क्या ऐसा हो सकता है मौत के 19 महीने बाद कोई जिन्दा होकर कोई अपने खाते से लाखों रुपए निकाल सकता है? शायद इसका जबाब ना तो बैंक मैनेजर के पास होगा ओर ना ही पुलिस के पास।
=>