घमासान के बीच संसद में पेश हुई राफेल पर CAG रिपोर्ट

राफेल सौदे पर चल रही सियासी उथल-पुथल के बीच आज संसद में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पेश कर दी गई है। कांग्रेस इसकी जांच संयुक्त जांच समिति (जेपीसी) से कराने पर अड़ी हुई है। राफेल पर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण मंगलवार को लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी थी। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रदर्शन करने के कांग्रेस सदस्यों के तरीके पर नाराजगी जताते हुए इसे ‘स्तरहीन’ करार दिया। सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू कराया। कांग्रेस के सदस्य राफेल विमान सौदे में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग करते हुए आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे।

संदन में हंगामे के बीच कांग्रेस के सदस्यों ने द-हिंदू अखबार में छपे लेख की बड़े-बड़े प्रतियां दिखाना शुरू कर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की राफेल से संबंधित रिपोर्ट को ‘चौकीदार ऑडिटर जनरल’ की रिपोर्ट करार दिया और आरोप लगाया कि मौजूदा कैग राजीव महर्षि से सही रिपोर्ट की उम्मीद नहीं की जा सकती, क्योंकि वह इस रक्षा सौदे का हिस्सा रहे हैं। कैग की रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर गांधी ने कहा कि यह चौकीदार ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट है। यह नरेंद्र मोदी की रिपोर्ट है। रिपोर्ट चौकीदार के द्वारा और चौकीदार के लिए लिख्री गई है।

राफेल सौदे में घोटाले का आरोप लगा रही कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बुरी तरह झटका खा चुकी है और रिपोर्ट सामने आने से पहले ही उसने सीएजी पर भी उंगली उठाना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि मीडिया रिपोर्टो में कहा गया है कि फ्रांस के साथ हुए इस सौदे के समझौते पर दस्तख्त करने से चंद दिन पहले ही सरकार ने इसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ अर्थदंड से जुड़े अहम प्रावधानों को हटा दिया था। कांग्रेस राफेल विमान सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लंबे समय से लगा रही है, हालांकि सरकार ने इसे सिरे से खारिज किया है।

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