लावारिश शवों की अंतिम संस्कार के लिए थानों को मिलेगा एडवांस धन

    लखनऊ। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने अज्ञात शवों के मर्यादित ढंग से निस्तारण कराने के लिए जनपद के सभी थानों को अग्रिम बजट दिये जाने का निर्देश दिया है। जिससे लावारिश शवों का सम्मानपूर्वक एवं गरिमापूर्ण ढंग से निस्तारण किया जा सके। शव ले जाने और उसकी अंतिम क्रिया के लिए प्रति शव के हिसाब से 2700 रुपये का प्रावधान किया गया है। इस सम्बन्ध में कमी पाये जाने पर सम्बन्धित थानाध्यक्ष जिम्मेदार होगें और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिये हैं।

 आईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार के लिए प्रदेश के सभी थानों को अग्रिम बजट की धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी। हालांकि पहले भी यह व्यवस्था थी,लेकिन दाह संस्कार के बाद राशि का भुगतान किया जाता था। उन्होंने बताया कि जब भी अज्ञात शव पुलिस द्वारा प्राप्त किया जाये जिस पर न तो कोई दावा करता हो और न ही जिसे पहचाना जा सकेए दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 174 के अधीन अन्वेषण करने वाले पुलिस अधिकारी उसका पता लगाने का अधिक से अधिक व्यापक प्रचार.प्रसार करें तथा सोशल मीडिया के माध्यम से भी शिनाख्त का प्रयास किया जाए। इसके अलावा जिला अपराध अभिलेख ब्यूरो (डीसीआरबी) एवं एससीआरबी को भी तत्काल सूचित किया जाए एवं त्रिनेत्र एप के माध्यम से भी पहचान का प्रयास किया जाए। इसके बावजूद भी शिनाख्त न हो पाने की स्थिति में शव का दाह संस्कार मर्यादित ढंग किया जाना चाहिए। श्री कुमार ने यह भी बताया कि लावारिश शवों के निस्तारण में आने वाली समस्याओं के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक अपने जनपदों में कार्यरत स्वंय सेवी संस्थाओं की एक बैठक करें एवं उनके साथ समन्वय स्थापित करते हुये शव को मर्यादित ढग़ से निस्तारित किये जाने हेतु शवों के परिवहन एवं अन्तिम संस्कार में सहयोग प्राप्त करना सुनिश्चित करें।

अंतिम संस्कार के निए 2700 रुपए का प्रावधान
प्रत्येक शवों के निस्तारण हेतु 2700 रुपए का प्राविधान किया गया है जिसमें कफ न के लिए 300 रूपये ए शव जलाने हेतु लकड़ी अथवा दफनाये जानेए खुदाई व पटाई पर निर्धारित धनराशि 2000 रुपए शव को शव स्थल से चीर घर ले जाने व मरघटध्कब्रिस्तान ले जाने हेतु किराये की धनराशि 400 रुपए निर्धारित की गयी है। आवंटित अनुदान का उपयोग शव के निस्तारण में किया जाए। पुलिस अधीक्षक अपने.अपने जनपदों से प्राप्त बजट में से आवश्यकतानुसार आवंटित धन को अग्रिम के रूप में अपने विभागाध्यक्ष अपर पुलिस महानिदेशक जोन या पुलिस महानिरीक्षक परिक्षेत्रए से अनुमति प्राप्त करके, आहरित करा उसे थानों में वितरित करायेंगे।

 

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