गुजरात यूनिवर्सिटी का 300 विदेशी छात्रों को फरमान, बिना अनुमति मीडिया और पुलिस से न करें बात

गुजरात विश्वविद्यालय ने अपने स्टडी एब्रॉड प्रोग्राम में लगभग 300 छात्रों को हस्ताक्षर करने के लिए कहा है कि वे मीडिया या पुलिस से संपर्क नहीं करेंगे। अन्य दक्षिण एशियाई देशों के कई छात्रों द्वारा हॉस्टल में अनहोनी और तंग आवास की शिकायत के बाद यह आदेश आया है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात विश्वविद्यालय के अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना मीडिया या पुलिस जैसी किसी भी बाहरी एजेंसी से जुड़ाव, विश्वविद्यालय / कॉलेजों की आचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा और निष्कासन किया जायेगा। बता दें कि छात्र भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अंतर्गत अध्ययन विदेश कार्यक्रम के माध्यम से भारत आए हैं।

इस बीच सितंबर 2018 में, विश्वविद्यालय ने अहमदाबाद में अपने परिसर में रहने वाले 35 अफगान छात्रों को मुस्लिम-बहुल इलाके में स्थानांतरित कर दिया था। छात्रों को उनके “खाने की आदतों और संस्कृति” के कारण स्थानांतरित किया गया था।

स्टडी एब्रॉड प्रोग्राम और डायस्पोरा स्टडीज एडवाइजर नीरजा गुप्ता ने अख़बार इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “लाल दरवाज़ा सुविधा में रहने वाले छात्र ज्यादातर, वास्तव में, सभी मुस्लिम हैं।” तो, उनके खाने की आदतों, समुदाय और संस्कृति को देखते हुए उन्हें वहां रखा जाता है।

शहर के पश्चिमी हिस्सों में एक छात्रावास की सुविधा प्रदान करने का प्रयास किया गया था, लेकिन हमें छात्रों और पड़ोसियों दोनों से मांसाहारी भोजन करने की उनकी आदतों के बारे में शिकायतें मिलीं। छात्रों ने यह भी शिकायत की कि उन्हें मांसाहारी भोजन आसानी से नहीं मिलता है।” गुप्ता ने यह भी स्वीकार किया कि विश्वविद्यालय ने छात्रों को मीडिया या पुलिस से बात न करने का निर्देश जारी किया था।

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