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वाह पुलिस! रंगरूटों से ही वसूल लिए “14 लाख

सुलतानपुर। ‘गुरु दक्षिणा’ के नाम पर पुलिस के नए रंगरूटों से 14 लाख रुपये से अधिक की घूस लेने का मामला सामने आया है। मामले में एसपी ने आरटीसी मेजर, आरटीसी सूबेदार, आरटीसी मुंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 10 ट्रेनर्स के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए संबंधित जिलों को पत्र लिखा है।

जिले की पुलिस लाइंस में 160 रंगरूटों का प्रशिक्षण करवाया गया था। 24 जनवरी को इनका प्रशिक्षण पूरा हुआ और 26 को पासिंग आउट परेड हुई। आरोप है कि इस दौरान ट्रेनरों ने औसतन प्रति प्रशिक्षु 10 हजार रुपये परीक्षा पास करवाने और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए वसूले। नौकरी जाने के डर के चलते किसी प्रशिक्षु ने इसकी शिकायत नहीं की। मामले की भनक पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स को हुई तो उन्होंने रंगरूटों को बुलाकर सख्ती से पूछताछ की। रंगरूटों ने घूस दिए जाने की बात स्वीकार ली। इसके बाद एसपी ने बुधवार को आरटीसी मेजर बृजमणि राय, आरटीसी सूबेदार कमलेश सिंह, आरटीसी मुन्शी अफरोज को निलंबित कर दिया। ट्रेनिंग की निगरानी का जिम्मा एसपी सिटी मीनाक्षी कात्यान का था। उनकी भूमिका को संदिग्ध देखते हुए मामले की जांच एसपी ग्रामीण शिवराज को सौंपी गई है।

इनके सस्पेंशन की सिफारिश : एसपी अनुराग वत्स ने प्रशिक्षण देने वाले ट्रेनर्स मनीष यादव, दिनेश राम 35 वाहिनी पीएसी लखनऊ, कासीम अली अंसारी 11 वाहिनी पीएसी सीतापुर, धर्मनारायण पाण्डेय, धनन्जय पाण्डेय, पंकज यादव, फौज आलम अंसारी, प्रवीण यादव, जयनारायण यादव, कैलाश यादव, मुन्ना यादव के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।

रिक्रूटियों के असंतोष से खुला मामला
सूत्रों की मानें तो 6 रिक्रूटी ऐसे थे जो 10 हजार देने के लिए तैयार नहीं थे। ट्रेनर्स उन पर पैसा देने का दबाव बना रहे थे। समझौते के बाद इन सबसे 5 से 6 हजार रुपये देने के लिए कहा गया। इन रंगरूटों ने यह पैसा तो दे दिया, लेकिन उनके मन में असंतोष पनपता रहा। इन्हीं में से किसी ने इसकी जानकारी एसपी अनुराग वत्स को दे दी। एसपी की मानें तो 10 रंगरूटों ने अपने बयान भी दर्ज करवाए हैं, जिसमे वसूली की बात पूरी तरह साबित होती है।

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