BSNL तीन दिन तक में नही होगा कोई काम, रैली में लगे मोदी मुर्दाबाद के नारे

लखनऊ। ऑल यूनियंस एंड एसोशियेशन्स ऑफ बीएसएनएल उत्तर प्रदेश (पूर्वी) परिमंडल के सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने हिंदी संस्थान के पास स्थित बीएसएनएल कार्यालय में एक जनसभा को सम्बोधित किया। इसके बाद कर्मचारियों ने हाथों में तरह-तरह के पोस्टर लिखे और तख्ती लेकर सांकेतिक रैली निकालकर तीन दिन की हड़ताल पर जाने का ऐलान किया।

रैली निकालने से पहले उनकी पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस का कहना था कि रैली की परमिशन नहीं है। इस पर कर्मचारियों ने कहा कि हम कभी परमिशन नहीं लेते हैं। शांतिपूर्वक रैली निकालेंगे। इसके बाद पुलिस ने अपनी सुरक्षा में रैली निकालने दी। रैली कार्यालय से शुरू होकर, हजरतगंज कोतवाली के आगे से वायें मुड़कर नॉवेल्टी चौराहा से नगर निगम मुख्यालय, कैपिटल तिराहा से वायें मुड़कर हजरतगंज चौराहा से मल्टी लेवल पार्किंग, मैफियर तिराहा होते हुए फिर कार्यालय पहुंचकर समाप्त हो गई।

आश्वासन के बाद सरकार ने दिखाया ठेंगा
संगठन के परिमंडल सचिव एवं अध्यक्ष संजय दुबे ने बताया कि बीएसएनल के सभी कर्मचारी व अधिकारी बीएसएनल को बचाने के लिए वह देश की आम जनता तथा कर्मचारियों के हितों के लिए इन मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। संचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा द्वारा उपरोक्त मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी ऑल इंडिया यूनियन एंड एसोसिएशन को 24 फरवरी 2018, 3 दिसंबर 2018 की बैठक में दिया गया। लेकिन खेद है कि संचार राज्यमंत्री ने अपना वादा पूरा नहीं किया। स्पष्ट है कि बीते विशेष निजी संचार कंपनी के दबाव में बीएसएनल को बर्बाद करने का रणनीतिक रूप से यंत्र किया जा रहा है।

रैली में लगे मोदी मुर्दाबाद के नारे
सरकार की इसी साजिश के खिलाफ सभी एक्जीक्यूटिव व नॉन एक्जीक्यूटिव कर्मचारी 18,19,20 फरवरी को 3 दिन की देशव्यापी हड़ताल पर जा रहे हैं। रैली के दौरान प्रदर्शनकारी मोदी मुर्दाबाद और बीएसएनल मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कह रहे थे कि मोदी सरकार ने अंबानी और अडानी ग्रुप को फायदा पहुंचाया है। सरकारी कंपनी का काम प्राइवेट कंपनियों को दिया जा रहा है। इसी से बीएसएनएल कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। इस हड़ताल में बीएसएनएल एम्प्लाईज़ यूनियन, एनएफटीई बीएसएनएल , एसएनईए , एआई बीएसएनएल ईए , बीएसएनएल मजदूर संघ,टेलिकाम इंपलाइज प्रोग्रेससिव यूनियन, ए आई जी ई टी ओ ए तथा ए आई बी डी पी ए की संयुक्त रूप से सक्रिय भागीदारी है।

ये हैं बीएसएनएल कर्मचारियों की आठ सूत्रीय मांगे
1- बीएसएनल को 4G स्पेक्ट्रम का आवंटन शीघ्र किया जाए।
2- (अ) बीएसएनएल की भूमि प्रबंधन नीति का दूरसंचार विभाग द्वारा अनुमोदन (ब) बीएसएनल के स्थापना के समय की सभी असेट का बीएसएनल को स्थानांतरित किया जाए।
3- (अ) बीएसएनएल की स्थापना के समय बनी मंत्रियों के समूह द्वारा इनकी वित्तीय जीवंतता सुनिश्चित करने के लिए सुझाव को लागू किया जाए। (ब) बीएसएनएल को बैंक से ऋण लेने के लिए प्रस्ताव के लिए ‘लेटर आफ कंफर्ट’ जारी किया जाए।
4- एक जनवरी 2017 से बकाया तीसरा वेतन संशोधन लागू किया जाए।
5- एक जनवरी 2017 से बकाया तीसरा पेंशन संशोधन किया जाए।
6- सरकार से नियम के अनुसार बीएसएनएल से पेंशन कंट्रीब्यूशन का भुगतान किया जाए।
7- दूसरे वेतन संशोधन के समय प्रस्तावित छूटे हुए मुद्दों का समाधान (ई-2, ई-3 वेतनमान, 30% सुपरन्यूटेशन) इत्यादि दिया जाए।
8- बीएसएनएल टावर आउटसोर्सिंग के माध्यम से रद्द किया जाए।

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