उत्तर प्रदेशलखनऊ

हत्या कर डकैती की घटनाओं को अंजाम देने वाला बावरिया गिरोह का इनामी बदमाश गिरफ्तार 

  •  लखनऊ व बाराबंकी में वर्ष 2018 में हत्या कर डकैती की घटनाओं को दे चुका है अंजाम  
लखनऊ। एसटीएफ ने बाराबंकी व लखनऊ में सनसनीखेज डकैती व डकैती के साथ हत्या करने वाले घूमंतू जाति के बावरिया गिरोह के सक्रिय सदस्य एंव 50 हजार के इनामी  कुख्यात इनामी अपराधी राजकिशोर बहेलिया उर्फ काले प्रधान उर्फ प्रधान को गाजियाबाद से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपित के कब्जे से एक तमंचा 315 बोर, छह जिन्दा कारतूस 315 बोर, पांच किलो गांजा व एक अपाचे बाइक बरामद हुई है।
एसटीएफ आईजी अमिताभ यश ने बताया कि बीते दिनों बाराबंकी, लखनऊ एवं फरूर्खाबाद जनपदों में की गयी सनसनीखेज डकैती एवं डकैती के साथ हत्या की घटनाओं का खुलासा करते हुए 3 फरवरी 2018 पाुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में बावरिया गैंग के चार बदमाश राजेश उर्फ पेटला, मनोज उर्फ छोटू उर्फ राकेश, राजू उर्फ रमेश तथा महेन्द्र पकड़े गये थे। जबकि  गैंग सरगना विनोद को 7 फरवरी 2018 को व  दयाराम बावरिया को 25 मई 2018 को गिरफ्तार किया गया। इसके उपरान्त इस गैंग के के ईनामी अपराधी राकेश उर्फ किशन उर्फ कालिया उर्फ राजू को  15 सितंबर 2018 को तथा इसी गैंग के के ईनामी अपराधी दीपक बावरिया  24 जनवरी 2019 को व ईनामी अपराधी रामवीर पुत्र अमर सिंह को गिरफ्तार किया गया था। पकड़े गये बदमाशों ने फरार साथी काले प्रधान उर्फ राजकिशोर के बारे में बताया कि उसने लखनऊ, बाराबंकी व फर्रूखाबाद में डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया था। इस संबंध में राजकिशोर बहेलिया की गिरफ्तारी पर पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र लखनऊ के स्तर से 50,000  का पुरस्कार घोषित था। एसटीएफ टीम काले प्रधान की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर से पता चला कि राजकिशोर बहेलिया उर्फ काले प्रधान उर्फ प्रधान मोटर साईकिल से मोपुरा थाना साहिबाबाद जनपद गाजियाबाद क्षेत्र में किसी से मिलने आने वाला है। इस सूचना पर टीम ने उक्त स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी करते हुए आरोपित को दबोच लिया। आरोपित ने अपना नाम व पता राजकिशोर बहेलिया उर्फ काले प्रधान उर्फ प्रधान पुत्र हरी सिंह मूलनिवासी आजाद नगर बानपोई, थाना मोहम्मदाबाद, जनपद फरूर्खाबाद हाल निवासी दीपक बिहार, निकट माता मंदिर,नजफगढ़, दिल्ली बताया है। आरोपित के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया।
 ताबड़तोड़ कई वारदातों को दिया था अंजाम 
पूछताछ पर गिरफ्तार अभियुक्त राजकिशोर बहेलिया (उम्र करीब 55 वर्ष)  ने बताया कि वह 17 वर्ष की आयु से ही अपने गांव के गैंग के सदस्यों के साथ जघन्य अपराध करता आ रहा है। पूर्व  में ट्रकों और टैक्टरों आदि पर सवार होकर कई बड़ी-बड़ी डकैती की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। किसी भी घटना को अंजाम देने के लिए 10-12 की संख्या में जाते थे। एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह ने बताया कि बीती दिसम्बर 17 और जनवरी 18 में लखनऊ, फर्रुखाबाद और बाराबंकी में डकैती की ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम इसी गिरोह के द्वारा दिया गया था। जिसमें तीन व्यक्तियों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल भी हुए थे । काले प्रधान डकैती, हत्या जैसे 2 दर्जन संगीन अपराध का आरोपी है। प्रमुख आपराधिक घटनाओं में वर्ष 1999 का कोतवाली एटा में डकैती डालते समय एक व्यक्ति की हत्या कर देना , वर्ष 2000 में सिंधौली सीतापुर में चेयरमेन के घर डकैती डालते समय कई लोगों को घायल कर देना और वर्ष 2000 में ही कोतवाली खीरी , लखीमपुर में दो लोगों की हत्या करके डकैती डालना , वर्ष 2007 में थाना एटा , जालोंन में कई आदमियों को घायल करके डकैती डालना और हॉल में लखनऊ और बाराबंकी में कई डकैतियों को अंजाम देना प्रमुख है । पूर्व में यह कुख्यात अभियुक्त उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश के तीन प्रमुख घूमंतु आपराधिक जनजातियों में रमेश बवारिया , हवा सिंह समेत बादशाह गुज्जर गिरोह का सक्रिय सदस्य रह चुका है और वर्तमान में अपना गिरोह बना कर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
कपड़े की फेरी लगाकर करते थे रैकी 
 गिरफ्तार अभियुक्त राजकिशोर बहेलिया ने यह भी बताया कि वर्ष 2000 के बाद वह उत्तर प्रदेश पुलिस का दबाव बढ़ने पर आजादनगर बानपोई छोड़कर बादशाह गुर्जर गिरोह के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के जनपद भिण्ड, मुरैना में कई डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया था। भिण्ड, मुरैना में जब गिरोह के कई सदस्य पकड़े  गये तो वह अपने कुछ साथियों को साथ लेकर दिल्ली आकर रहने लगा और यहीं पर उसका सम्पर्क अलवर राजस्थान के विनोद बावरिया से हुआ, इसके पश्चात इन लोगों ने मिलकर जनवरी, फरवरी 2018 में जनपद बाराबंकी व लखनऊ के कई ग्रामों/कस्बों में डकैती डाली गयी थी और डकैती डालते समय कई लोगों को गंभीर रूप से घायल भी किया गया था। यह भी बताया कि घटनाओं से पहले लखनऊ आकर किराये का कमरा लेकर रहने लगे थे। गैंग के सदस्य डकैती डालने के लिए कपड़े की फेरी लगाकर रैकी किया करते थे और उसके बाद रात में बाइक से वारदात को अंजाम देने के लिए निकलते थे।  बताते चले कि कि इस गैंग के द्वारा जनपद लखनऊ में 23 जनवरी 2018 को डकैती की मुख्य घटना को अंजाम दिया था और  डकैती के दौरान गृह स्वामी के भाई श्यामू की हत्या की गयी थी तथा पड़ोसी छत्रपाल को भी गोली मारकर गभीर रूप से घायल कर दिया था।
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